सालीचौका में छात्र-युवाओं के समर्थन में माकपा और किसान सभा का प्रदर्शन, ‘धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो’ के लगे नारे
नीट पेपर लीक, नई शिक्षा नीति और एनटीए को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ जताया विरोध, संसद मार्च कर रहे छात्रों के समर्थन में किया प्रदर्शन

संवाददाता अवधेश चौकसे
सालीचौका (नरसिंहपुर)। संसद मार्च कर रहे छात्र-युवाओं के समर्थन में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और मध्य प्रदेश किसान सभा के कार्यकर्ताओं ने शनिवार को भगतसिंह चौक, सालीचौका में प्रदर्शन कर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने “धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो” के नारे लगाते हुए छात्र आंदोलनों के समर्थन में अपनी आवाज बुलंद की।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि नीट (NEET) परीक्षा में पेपर लीक, नई शिक्षा नीति (NEP) और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को लेकर देशभर में छात्रों में भारी नाराजगी है। उनका आरोप है कि परीक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता पर लगातार सवाल उठ रहे हैं, जिससे लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है।
दिल्ली में छात्रों पर पुलिस कार्रवाई का किया विरोध
माकपा और किसान सभा के नेताओं ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन तथा संसद मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों पर पुलिस द्वारा लाठीचार्ज, वॉटर कैनन और आंसू गैस के इस्तेमाल का विरोध किया। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांग रखने वाले छात्रों पर बल प्रयोग उचित नहीं है।
सरकार से की प्रमुख मांगें
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार से मांग की कि—
- नीट परीक्षा में हुई कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए।
- नई शिक्षा नीति (NEP) को वापस लिया जाए।
- नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को समाप्त कर नई और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था लागू की जाए।
- छात्र आंदोलनों पर बल प्रयोग बंद किया जाए और लोकतांत्रिक अधिकारों का सम्मान किया जाए।
भगतसिंह चौक पर हुई नारेबाजी
भगतसिंह चौक पर एकत्रित माकपा एवं किसान सभा के कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए छात्र-युवाओं की मांगों का समर्थन किया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है तथा छात्रों के भविष्य से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। इस दौरान माकपा और किसान सभा के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद रहे।







