गाडरवारा में नायब तहसीलदार के खिलाफ अधिवक्ताओं का रोष, अभद्र व्यवहार के आरोपों को लेकर एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
अधिवक्ता संघ ने निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की, कहा- न्यायालय की गरिमा के अनुरूप होना चाहिए अधिकारियों का व्यवहार

गाडरवारा। गाडरवारा अधिवक्ता संघ ने बोहानी वृत्त की नायब तहसीलदार के खिलाफ अधिवक्ताओं के साथ कथित अभद्र व्यवहार एवं अमर्यादित भाषा के प्रयोग का आरोप लगाते हुए अनुविभागीय दंडाधिकारी (एसडीएम) गाडरवारा को ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच एवं उचित कार्रवाई की मांग की है। ज्ञापन की प्रति कलेक्टर नरसिंहपुर को भी प्रेषित की गई है।
अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष हिमांशु दुबे, उपाध्यक्ष शंभूदयाल सराठे, सचिव सुनील कुमार गुर्जर, सह सचिव शुभम श्रीवास्तव, कोषाध्यक्ष रीतेश कुमार अग्रवाल एवं ग्रंथपाल कु. सत्यवती चौधरी के हस्ताक्षरों से जारी ज्ञापन में कहा गया है कि अधिवक्ताओं के साथ कथित रूप से लगातार असम्मानजनक व्यवहार किए जाने से अधिवक्ताओं में रोष व्याप्त है।
अधिवक्ता हुसैन रफीक ने संघ को दी लिखित शिकायत
ज्ञापन के अनुसार, 15 जुलाई 2026 को अधिवक्ता हुसैन रफीक ने अधिवक्ता संघ को लिखित आवेदन देकर अवगत कराया कि 14 जुलाई 2026 को वे एक प्रकरण की पैरवी के लिए नायब तहसीलदार, वृत्त बोहानी के न्यायालय पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने अपने पक्षकार के हित में एक आवेदन प्रस्तुत किया।
अधिवक्ता का आरोप है कि नायब तहसीलदार द्वारा बिना विधिक प्रक्रिया अपनाए आवेदन को निरस्त कर दिया गया। जब उन्होंने इस संबंध में आपत्ति दर्ज कराई तो नायब तहसीलदार ने कथित रूप से ऊंची आवाज में अभद्र व्यवहार किया। उस समय न्यायालय में उनके पक्षकार भी मौजूद थे, जिससे उन्हें सार्वजनिक रूप से अपमानित महसूस करना पड़ा।

‘मैं तो आवेदन आज ही खारिज करूंगी’ कहने का आरोप
ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया है कि जब अधिवक्ता ने निर्णय पर आपत्ति व्यक्त की तो नायब तहसीलदार ने कथित तौर पर कहा कि “मैं तो आवेदन आज ही खारिज करूंगी।”
अधिवक्ता संघ का कहना है कि इस प्रकार का व्यवहार न्यायालय की गरिमा और न्यायिक प्रक्रिया की मर्यादा के अनुरूप नहीं है तथा इससे अधिवक्ताओं के सम्मान और आम नागरिकों के विश्वास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
पहले भी मिल चुकी हैं शिकायतें
अधिवक्ता संघ ने अपने ज्ञापन में दावा किया है कि यह कोई पहला मामला नहीं है। संघ के अनुसार, इससे पहले भी कई अधिवक्ताओं ने नायब तहसीलदार के कथित अभद्र व्यवहार की शिकायत संघ के समक्ष की है। इन शिकायतों के चलते अधिवक्ताओं में लगातार असंतोष बढ़ रहा है।
संघ ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित अधिकारी के विरुद्ध नियमानुसार उचित कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में न्यायालयीन कार्यवाही के दौरान इस प्रकार की स्थिति उत्पन्न न हो।
न्यायालय की गरिमा बनाए रखने की मांग
अधिवक्ता संघ ने कहा कि अधिवक्ता न्याय व्यवस्था का अभिन्न अंग हैं। न्यायालय परिसर में सभी अधिकारियों एवं अधिवक्ताओं के बीच पारस्परिक सम्मान और शालीन व्यवहार होना आवश्यक है। यदि न्यायालयीन वातावरण प्रभावित होगा तो इसका असर आम नागरिकों के न्याय व्यवस्था पर विश्वास पर भी पड़ेगा।
वरिष्ठ अधिवक्ता बसंत तपा ने जताई नाराजगी
वरिष्ठ अधिवक्ता बसंत तपा ने कहा कि यदि किसी अधिकारी द्वारा अधिवक्ताओं के साथ इस प्रकार का व्यवहार किया जाता है तो यह पूरी अधिवक्ता बिरादरी के सम्मान पर आघात है। उन्होंने कहा कि न्यायालय में अधिवक्ताओं के साथ सम्मानजनक व्यवहार होना चाहिए और यदि किसी अधिकारी द्वारा मर्यादा का उल्लंघन किया जाता है तो उसके विरुद्ध उचित कार्रवाई होना आवश्यक है।
अधिवक्ता संघ की प्रमुख मांगें
- पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
- दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाए।
- न्यायालय में अधिवक्ताओं के सम्मान और गरिमा की रक्षा सुनिश्चित की जाए।
- भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक निर्देश जारी किए जाएं।
कलेक्टर को भी भेजी गई ज्ञापन की प्रति
संघ ने एसडीएम गाडरवारा से मामले की गंभीरता को देखते हुए शीघ्र जांच कराने और उचित कार्रवाई करने का आग्रह किया है। ज्ञापन की प्रति कलेक्टर नरसिंहपुर को भी सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी गई है।








