क्राइममध्य प्रदेश

महानद्दा शराब दुकान पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई: MRP से ज्यादा दाम वसूली पकड़ी गई, क्या नर्मदापुरम में भी होगी जांच?

महानद्दा स्थित शराब दुकान पर प्रशासन की छापामार कार्रवाई में MRP से अधिक कीमत पर बीयर बेचने का मामला सामने आया। कार्रवाई के बाद नर्मदापुरम क्षेत्र में भी शराब दुकानों की मनमानी पर सवाल उठने लगे हैं।

संवाददाता राकेश पटेल इक्का

महानद्दा में शराब दुकान पर छापा, ओवररेटिंग का खुलासा

शराब दुकानों की मनमानी और ग्राहकों से अवैध वसूली पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। शनिवार रात एसडीएम गोरखपुर अनुराग सिंह के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम ने महानद्दा स्थित शराब दुकान पर छापामार कार्रवाई की, जहां बीयर निर्धारित अधिकतम विक्रय मूल्य (MRP) से ज्यादा दाम पर बेची जा रही थी।

जांच के दौरान टीम ने खुद ग्राहक बनकर बीयर खरीदी और पूरा मामला मौके पर ही पकड़ लिया।

190 की बीयर 200 में बेची जा रही थी

कार्रवाई में सामने आया कि किंगफिशर स्ट्रॉन्ग प्रीमियम बीयर की बोतल, जिस पर 190 रुपये MRP अंकित थी, उसे ग्राहकों को 200 रुपये में बेचा जा रहा था। यानी हर बोतल पर 10 रुपये अतिरिक्त वसूले जा रहे थे।

सबसे खास बात यह रही कि प्रशासनिक टीम ने बीयर का भुगतान यूपीआई के माध्यम से किया, जिससे लेनदेन का स्पष्ट रिकॉर्ड भी सामने आ गया।

शराब दुकान के साथ अवैध अहाता भी संचालित

जांच के दौरान यह भी पाया गया कि लायसेंसी कमला शिवहरे की फुटकर शराब दुकान से लगी दीवार के पास अवैध रूप से अहाता भी संचालित किया जा रहा था।

मौके पर शिवा बर्मन और अरुण मिश्रा दुकान संचालन करते पाए गए। प्रशासन ने पंचनामा बनाकर पूरी रिपोर्ट कलेक्टर कार्यालय भेजने की बात कही है।

एसडीएम अनुराग सिंह के अनुसार मामले में लाइसेंस निलंबन और अर्थदंड की कार्रवाई की जाएगी। कार्रवाई में तहसीलदार आदित्य जाँघेला भी मौजूद रहे।

क्या नर्मदापुरम में भी होगी ऐसी कार्रवाई?

महानद्दा की कार्रवाई के बाद अब नर्मदापुरम क्षेत्र में भी शराब दुकानों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां लगभग हर शराब दुकान पर ग्राहकों से MRP से ज्यादा रकम वसूली जाती है, लेकिन कभी प्रभावी जांच नहीं होती।

ग्राहकों का आरोप है कि शराब दुकानों पर खुलेआम “रेट बढ़ाकर” शराब बेचना आम बात बन चुकी है। कई जगहों पर बिल तक नहीं दिया जाता और विरोध करने पर ग्राहकों से बदसलूकी तक की जाती है।

प्रशासन कब करेगा सख्त कार्रवाई?

लोगों का कहना है कि यदि महानद्दा की तरह नर्मदापुरम में भी प्रशासन औचक निरीक्षण करे और ग्राहक बनकर जांच करे, तो बड़े स्तर पर गड़बड़ियां सामने आ सकती हैं।

क्षेत्रवासियों ने मांग की है कि शराब दुकानों पर नियमित जांच अभियान चलाया जाए, ओवररेटिंग करने वालों के लाइसेंस निरस्त किए जाएं और ग्राहकों को राहत दिलाई जाए।

 

 

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