Breaking News: देवरी स्टैंड पर दर्दनाक हादसा! ट्रैक्टर की टक्कर से युवक की मौत, घंटों सड़क पर पड़ा रहा शव, ग्रामीणों में भारी आक्रोश

गाडरवारा। गाडरवारा-साईंखेड़ा मार्ग पर हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। साईंखेड़ा ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत देवरी के देवरी बस स्टैंड के पास तेज रफ्तार ट्रैक्टर की टक्कर से एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद सड़क पर चीख-पुकार मच गई और देखते ही देखते घटनास्थल पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पीपरपानी निवासी युवक राकेश राठौर बाइक से गाडरवारा की ओर जा रहा था। बताया जा रहा है कि जैसे ही वह देवरी बस स्टैंड के पास पहुंचा, तभी पीछे से तेज गति से आ रहे एक ट्रैक्टर ने उसकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि युवक बाइक समेत सड़क पर गिर पड़ा और ट्रैक्टर के पिछले पहिए के नीचे आ गया। हादसे में युवक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दुर्घटना के बाद कुछ देर तक सड़क पर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। राहगीरों और ग्रामीणों ने युवक को बचाने की कोशिश की, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। युवक का शव सड़क पर पड़ा रहा और आसपास लोगों की भीड़ जमा होती गई।
सड़क के दोनों ओर लगा लंबा जाम
हादसे के बाद गाडरवारा-साईंखेड़ा रोड पर यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। स्थानीय लोगों और ग्रामीणों ने घटना को लेकर नाराजगी जताई और प्रशासन के खिलाफ आक्रोश व्यक्त किया।
ग्रामीणों का कहना है कि देवरी स्टैंड और आसपास का क्षेत्र लंबे समय से हादसों का केंद्र बना हुआ है। यहां भारी वाहनों, ट्रैक्टरों और खासकर एनटीपीसी के डंपरों की तेज रफ्तार के कारण आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं। इसके बावजूद प्रशासन द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे।
“एनटीपीसी डंपरों की बेलगाम रफ्तार ले रही जान”
स्थानीय ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सड़क पर भारी वाहनों की अनियंत्रित आवाजाही लगातार लोगों की जान जोखिम में डाल रही है। लोगों का कहना है कि एनटीपीसी से जुड़े डंपर और भारी वाहन तेज गति से गांवों के बीच से गुजरते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना रहता है।
ग्रामीणों ने बताया कि कई बार प्रशासन और जिम्मेदार अधिकारियों को सड़क सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने, स्पीड कंट्रोल कराने और भारी वाहनों पर कार्रवाई की मांग की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया।
पुलिस और प्रशासन की देरी पर उठे सवाल
घटना के बाद काफी देर तक पुलिस और प्रशासनिक अमला मौके पर नहीं पहुंचा, जिससे ग्रामीणों में और अधिक नाराजगी देखने को मिली। लोगों का कहना था कि हादसे के बाद यदि समय रहते पुलिस पहुंचती तो स्थिति जल्दी नियंत्रित हो सकती थी।
घटना को लेकर क्षेत्र में शोक और गुस्से का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों ने दोषी वाहन चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई, मृतक परिवार को आर्थिक सहायता और सड़क सुरक्षा के स्थायी इंतजाम करने की मांग की है।







