गेहूं खरीदी में बड़ा संकट: स्लॉट पंजीकरण पोर्टल बना बाधा, किसानों की बढ़ी परेशानी
नरसिंहपुर के सालीचौका में गेहूं खरीदी के दौरान स्लॉट पंजीकरण पोर्टल बना समस्या। किसानों को MSP का लाभ मिलने में हो रही देरी, मुख्यमंत्री से समाधान की मांग।

संवाददाता अवधेश चौकसे
सालीचौका (नरसिंहपुर)। गेहूं खरीदी के बीच जिले में स्लॉट पंजीकरण पोर्टल किसानों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन गया है। कभी खुलने और फिर अचानक बंद हो जाने वाले इस पोर्टल के कारण किसान अपनी उपज बेचने के लिए स्लॉट बुक नहीं कर पा रहे हैं, जिससे उन्हें भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
फसल तैयार, लेकिन पोर्टल बंद
किसानों का कहना है कि उनकी गेहूं की फसल पूरी तरह तैयार है और खलिहानों में रखी हुई है, लेकिन सरकारी पोर्टल बार-बार बंद हो जाने के कारण स्लॉट बुकिंग नहीं हो पा रही। इससे किसानों के सामने फसल खराब होने का खतरा भी बढ़ता जा रहा है।
“किसान कल्याण वर्ष” पर उठे सवाल
एक ओर सरकार ‘किसान कल्याण वर्ष’ मनाने की बात कर रही है, वहीं दूसरी ओर पोर्टल की तकनीकी समस्याएं किसानों के लिए मुश्किलें खड़ी कर रही हैं। किसानों का सवाल है कि जब गिरदावरी में उनकी फसल दर्ज है, तो फिर स्लॉट बुकिंग में देरी क्यों की जा रही है?
छोटे किसान भी हो रहे परेशान
वेयरहाउस समिति प्रबंधन के अनुसार फिलहाल 2 हेक्टेयर तक के किसानों के लिए स्लॉट बुकिंग शुरू की गई है, लेकिन हकीकत यह है कि छोटे किसान भी पोर्टल की खराबी के कारण बुकिंग नहीं कर पा रहे हैं। इससे यह सवाल उठ रहा है कि कहीं किसानों को जानबूझकर तो परेशान नहीं किया जा रहा?
तकनीकी खामियां बनी मुसीबत
पंजीयन के दौरान पोर्टल का बार-बार बंद होना और सैटेलाइट वेरिफिकेशन में देरी किसानों के लिए बड़ी समस्या बन गई है। किसानों को आशंका है कि कहीं इस वजह से वे MSP (न्यूनतम समर्थन मूल्य) के लाभ से वंचित न रह जाएं।
मुख्यमंत्री से समाधान की मांग
किसानों ने प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव से अपील की है कि स्लॉट पंजीकरण की समस्या का जल्द समाधान किया जाए। उनका कहना है कि हर उस किसान को खरीदी का लाभ मिलना चाहिए, जिसने मेहनत से अपनी फसल तैयार की है।
बढ़ सकता है नुकसान
यदि जल्द ही पोर्टल की समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। मौसम की अनिश्चितता के बीच फसल खराब होने की आशंका भी बनी हुई है।







