नाबालिग बालिका को थार में बैठाकर भगाने वाला मुख्य आरोपी गिरफ्तार, जुन्नारदेव पुलिस ने 18 दिन बाद सकुशल बरामद की पीड़िता
कई राज्यों में चली तलाश, पुलिस की घेराबंदी से घबराकर आरोपी ने किया सरेंडर, पॉक्सो एक्ट समेत गंभीर धाराओं में भेजा गया जेल

छिंदवाड़ा/जुन्नारदेव। जुन्नारदेव पुलिस ने नाबालिग बालिका के अपहरण और पॉक्सो एक्ट से जुड़े चर्चित मामले का खुलासा करते हुए मुख्य आरोपी अरशद शेख उर्फ काजू को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। करीब 18 दिनों तक लगातार चली तलाश, कई शहरों में दबिश और विशेष जांच दल (एसआईटी) की रणनीतिक कार्रवाई के बाद पुलिस ने नाबालिग बालिका को सकुशल बरामद कर उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया। मामले में आरोपी के सहयोगी माधव उर्फ माधव सोनी निवासी गाडरवारा को भी गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस की इस कार्रवाई को जिले की बड़ी सफलताओं में से एक माना जा रहा है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष जांच दल गठित किया गया था, जिसने दिन-रात एक कर आरोपी तक पहुंचने का काम किया।
27 मई को हुई थी घटना
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, 27 मई 2026 की सुबह जुन्नारदेव क्षेत्र निवासी अरशद शेख उर्फ काजू पिता शेख फरीद (32 वर्ष) ने अपने दोस्त फैजल जमाल की थार वाहन क्रमांक CG-04-QX-9980 का उपयोग करते हुए एक नाबालिग बालिका को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था।
बालिका के परिजनों द्वारा थाना जुन्नारदेव में शिकायत दर्ज कराई गई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध अपराध क्रमांक 202/26 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 137(2) के तहत मामला कायम कर विवेचना प्रारंभ की।
मामले की गंभीरता को देखते हुए गठित हुई एसआईटी
नाबालिग बालिका के लापता होने की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक ने मामले को गंभीरता से लेते हुए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया। टीम को बालिका की सकुशल बरामदगी और आरोपियों की गिरफ्तारी की जिम्मेदारी सौंपी गई।
जांच के दौरान सबसे पहले घटना में प्रयुक्त थार वाहन के मालिक फैजल जमाल निवासी दातला से पूछताछ की गई। पूछताछ में सामने आया कि उसने आरोपी अरशद को वाहन उपलब्ध कराया था। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए फैजल जमाल को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार, उसकी जमानत भी अब तक नहीं हो सकी है।
नागपुर से भोपाल और इंदौर तक चली तलाश
मुख्य आरोपी अरशद उर्फ काजू की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमों ने मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र के कई शहरों में लगातार दबिश दी। नागपुर, भोपाल, इंदौर, बैतूल सहित विभिन्न संभावित ठिकानों पर पुलिस ने कई दिनों तक निगरानी रखी और आरोपी के मूवमेंट का पता लगाने का प्रयास किया।
जुन्नारदेव पुलिस और विशेष टीम ने आरोपी के दोस्तों और परिचितों से भी गहन पूछताछ की। पुलिस का मानना था कि आरोपी लगातार अपने परिचितों और रिश्तेदारों की मदद से स्थान बदल रहा था।
गाडरवारा में मिली अहम सूचना
इसी दौरान पुलिस को गोपनीय सूचना प्राप्त हुई कि आरोपी अरशद शेख उर्फ काजू अपने कुछ रिश्तेदारों और अपने सहयोगी माधव उर्फ माधव सोनी निवासी गाडरवारा, जिला नरसिंहपुर के संपर्क में है और वहीं रुका हुआ है।
सूचना के आधार पर स्थानीय पुलिस की मदद से संबंधित स्थानों पर दबिश दी गई, लेकिन पुलिस के पहुंचने की जानकारी आरोपी तक पहुंच गई। इसके बाद वह नाबालिग बालिका को साथ लेकर थार वाहन से भोपाल की ओर भाग निकला।
पीछा करती रही पुलिस, दबाव में छोड़नी पड़ी थार
आरोपी के भागने की सूचना मिलते ही पुलिस ने दो अलग-अलग टीमें गठित कीं। उप निरीक्षक मुकेश डोंगरे के नेतृत्व में एक टीम भोपाल की ओर रवाना की गई, जबकि उप निरीक्षक मयंक उइके और चेतन मर्सकोले के नेतृत्व में दूसरी टीम को इंदौर दिशा में भेजा गया।
पुलिस लगातार आरोपी का पीछा करती रही। कई बार पुलिस और आरोपी के बीच दूरी बेहद कम रह गई, लेकिन गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी लगातार ठिकाने बदलता रहा। आखिरकार पुलिस के बढ़ते दबाव के कारण आरोपी को अपनी थार वाहन सड़क किनारे छोड़कर अपने सहयोगी माधव सोनी के साथ भागना पड़ा।
चारों ओर से घेराबंदी, फिर किया सरेंडर
लगातार पीछा, पुलिस की सख्त घेराबंदी और गिरफ्तारी की आशंका के बीच आखिरकार 14 जून 2026 को आरोपी अरशद शेख उर्फ काजू ने अपने सहयोगी माधव सोनी और नाबालिग बालिका के साथ पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया।
पुलिस ने तत्काल बालिका को अपने संरक्षण में लेकर सुरक्षित बाहर निकाला और उससे पूछताछ की।
बालिका के बयान के बाद बढ़ीं गंभीर धाराएं
पुलिस द्वारा दर्ज किए गए बालिका के बयान के आधार पर मुख्य आरोपी अरशद शेख उर्फ काजू के विरुद्ध दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट की गंभीर धाराओं का भी इजाफा किया गया।
इसके बाद पुलिस ने 15 जून 2026 को मुख्य आरोपी अरशद शेख उर्फ काजू तथा उसके सहयोगी माधव उर्फ माधव सोनी को विधिवत गिरफ्तार कर लिया।
दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जिला जेल छिंदवाड़ा भेज दिया गया।
आरोपी के सहयोगियों पर भी कार्रवाई जारी
पुलिस ने बताया कि इस मामले में आरोपी की मदद करने वाले कई लोगों की भूमिका भी सामने आई है। मुख्य आरोपी के चार रिश्तेदारों को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। जांच के दौरान जिन-जिन लोगों की संलिप्तता सामने आएगी, उनके खिलाफ भी कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जब्त की गई सामग्री
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे और विभिन्न स्थानों से निम्नलिखित सामग्री जब्त की है—
- घटना में प्रयुक्त थार वाहन क्रमांक CG-04-QX-9980
- कुल 05 मोबाइल फोन
- आरोपी एवं नाबालिग बालिका के कपड़ों से भरे दो बैग
- गाडरवारा स्थित सहयोगी के घर से बरामद अन्य उपयोगी सामग्री
गिरफ्तार आरोपियों का विवरण
1. अरशद शेख उर्फ काजू
पिता – शेख फरीद
उम्र – 32 वर्ष
निवासी – वेलफेयर, जुन्नारदेव
2. माधव उर्फ माधव सोनी
पिता – स्वर्गीय नागेंद्र उर्फ मुरारी सोनी
उम्र – 30 वर्ष
निवासी – गाडरवारा, जिला नरसिंहपुर
इन पुलिस अधिकारियों की रही अहम भूमिका
इस पूरे अभियान का नेतृत्व थाना प्रभारी निरीक्षक जगोतिन मसराम ने किया। कार्रवाई में उप निरीक्षक मयंक उइके, संजय सोनवानी, पूनम उइके, मुकेश डोंगरे, अंजना मरावी, चेतन मर्सकोले, साइबर सेल के आरक्षक आदित्य रघुवंशी सहित थाना जुन्नारदेव के आरक्षक संतोष धुर्वे, संदीप झरबड़े, नीलेश पाल, योगेश रघुवंशी, योगेश जांगले तथा महिला आरक्षक निधि बघेल की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि नाबालिगों से जुड़े अपराधों के मामलों में किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा और दोषियों के खिलाफ कानून के तहत कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।







