मध्य प्रदेशराजनीति

कामती की चौपाल से उठा जनसंघर्ष का स्वर, कांग्रेस ने गांव से जोड़ा संगठन

मनरेगा और आदिवासी मुद्दों पर उमड़ा जनसैलाब, जिला अध्यक्ष गुड्डन पांडे की संगठनात्मक क्षमता ने खींचा राष्ट्रीय नेतृत्व

संवाददाता राकेश पटेल इक्का

कामती/सोहागपुर। विधानसभा के ग्राम कामती में आयोजित कार्यक्रम ने यह स्पष्ट कर दिया कि कांग्रेस की राजनीति एक बार फिर मंचों से उतरकर जमीन पर लौट आई है। आज़ादी के बाद के शुरुआती दौर की याद दिलाने वाला यह आयोजन केवल संगठन विस्तार का कार्यक्रम नहीं था, बल्कि मनरेगा और आदिवासी समुदाय की गंभीर समस्याओं को मुखर रूप से सामने रखने का सशक्त मंच बन गया।

किसान नेता श्री पुष्पराज सिंह पटेल के नेतृत्व में, ब्लॉक कांग्रेस एवं नगर कांग्रेस के समन्वय से ग्राम कांग्रेस इकाई का गठन किया गया। किंतु इस आयोजन का वास्तविक केंद्र बिंदु वह जनसंवाद रहा, जिसमें बड़ी संख्या में आदिवासी महिला-पुरुष, युवा और वरिष्ठजन एकत्र होकर अपनी वर्षों से लंबित समस्याएं लेकर पहुंचे। मनरेगा में मजदूरी भुगतान में देरी, कार्य स्वीकृति में अनियमितता, भूमि एवं वनाधिकार से जुड़े विषयों को अत्यंत गंभीरता से रखा गया।

कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सांसद श्री दिग्विजय सिंह की उपस्थिति ने इस जनसभा को विशेष महत्व प्रदान किया। उन्होंने केवल संबोधन तक स्वयं को सीमित नहीं रखा, बल्कि ग्रामवासियों की बातों को ध्यानपूर्वक सुना। जनसमस्याओं की गहराई और उपस्थित जनसमूह की संख्या को देखकर स्वयं वरिष्ठ नेता भी यह स्वीकार करते दिखे कि यह कोई सामान्य आयोजन नहीं, बल्कि संगठित जनचेतना का परिणाम है।

इस समूचे आयोजन की सफलता के केंद्र में जिला कांग्रेस अध्यक्ष श्री गुड्डन पांडे की भूमिका सर्वाधिक प्रभावशाली रूप में सामने आई। उनकी संगठनात्मक दक्षता, कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद और गांव-गांव तक मजबूत पकड़ के चलते ही हजारों की संख्या में आदिवासी समुदाय एवं कांग्रेस कार्यकर्ता एक मंच पर एकत्र हो सके। प्रदेश अध्यक्ष हों या राष्ट्रीय स्तर के वरिष्ठ नेता—सभी को छोटे-छोटे गांवों तक लाकर जनसमस्याओं से रूबरू कराना उनकी कार्यशैली का परिचायक है।

श्री गुड्डन पांडे का नेतृत्व भाषणों की आक्रामकता से नहीं, बल्कि निरंतर क्षेत्रीय सक्रियता, जमीनी संपर्क और विश्वास आधारित संगठन निर्माण से पहचाना जाता है। यही कारण है कि कामती में आयोजित यह कार्यक्रम किसी औपचारिक राजनीतिक आयोजन के बजाय जनसंघर्ष की एक सशक्त अभिव्यक्ति के रूप में उभरकर सामने आया।

समग्र रूप से देखा जाए तो कामती का यह आयोजन यह संदेश देता है कि कांग्रेस ने केवल कागजों पर नहीं, बल्कि धरातल पर संगठन को पुनः खड़ा करने की दिशा में ठोस कदम बढ़ाए हैं। और इस प्रक्रिया में यदि कोई नेतृत्व सबसे अधिक प्रभावशाली बनकर उभरा है, तो वह है जिला कांग्रेस अध्यक्ष गुड्डन पांडे, जिनकी मेहनत और संगठन क्षमता ने कामती को एक गांव से बढ़कर संघर्ष और संवेदनशील राजनीति की पहचान बना दिया है।

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