साईंखेड़ा स्टेट हाईवे 44 फिर खून से लाल: डंपर की टक्कर से 18 वर्षीय युवक की मौत, ग्रामीणों ने किया चक्का जाम
नरसिंहपुर जिले के साईंखेड़ा स्थित स्टेट हाईवे 44 पर बड़ा सड़क हादसा। डंपर की टक्कर से तूमड़ा निवासी 18 वर्षीय युवक की मौत। नाराज ग्रामीणों ने सड़क पर शव रखकर चक्का जाम किया, 5 किमी लंबा जाम लगा।

साईंखेड़ा/नरसिंहपुर: जिले में स्टेट हाईवे 44 एक बार फिर खून से सन गया। अभी बीते दिनों हुए सड़क हादसों की घटनाओं को लोग भूल भी नहीं पाए थे कि शनिवार दोपहर एक और दर्दनाक दुर्घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया।
जानकारी के अनुसार साईंखेड़ा थाना क्षेत्र में नर्मदा रिसोर्ट के पास तेज रफ्तार डंपर ने बाइक सवार युवक को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। स्थानीय लोगों की मदद से उसे अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन बाद में उसकी मौत हो गई।

मृतक की पहचान तूमड़ा निवासी 18 वर्षीय युवक के रूप में हुई है, जो इंदर सिंह चौधरी का पुत्र बताया जा रहा है। घटना के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए गाडरवारा अस्पताल भेजा गया।
ग्रामीणों में भारी आक्रोश, सड़क पर शव रखकर किया चक्का जाम
दुर्घटना के बाद ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। बड़ी संख्या में ग्रामीण स्टेट हाईवे 44 पर एकत्रित हो गए और सड़क पर शव रखकर चक्का जाम कर दिया। देखते ही देखते हाईवे पर करीब 5 किलोमीटर लंबा जाम लग गया।
मौके पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी पहुंचे और लोगों को समझाने का प्रयास किया। ग्रामीणों का आरोप है कि हाईवे पर भारी वाहनों की बेलगाम रफ्तार लगातार लोगों की जान ले रही है, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही।

स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी उठे गंभीर सवाल
घटना के बाद क्षेत्र की स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर भी लोगों में नाराजगी देखने को मिली। ग्रामीणों का कहना है कि 40 गांवों के इस ब्लॉक स्तरीय स्वास्थ्य केंद्र में एक भी डॉक्टर पदस्थ नहीं है। डॉक्टरों की कमी के कारण परिजनों को भीषण गर्मी और दुख की घड़ी में 25 किलोमीटर दूर गाडरवारा अस्पताल जाना पड़ा।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से हाईवे पर स्पीड कंट्रोल, भारी वाहनों की निगरानी और स्वास्थ्य केंद्र में तत्काल डॉक्टरों की नियुक्ति की मांग की है।
लगातार हादसों से दहशत में लोग
स्टेट हाईवे 44 पर लगातार हो रहे हादसों ने लोगों में डर और आक्रोश दोनों पैदा कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने सख्त कदम नहीं उठाए तो ऐसे हादसे आगे भी होते रहेंगे।







