महाविद्यालय में “विकसित भारत : विजन 2047” विषय पर राष्ट्रीय वेबीनार संपन्न

गाडरवारा।स्थानीय महाराणा प्रताप शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में आयुक्त उच्च शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार प्राचार्य प्रो.पी.एस. कौरव के मार्गदर्शन में गत दिवस “विकसित भारत : विजन 2047” विषय पर राष्ट्रीय वेबीनार का सफल आयोजन किया गया।
इस कार्यक्रम में देशभर से शिक्षकों, विद्यार्थियों एवं शिक्षाविदों ने ऑनलाइन भाग लिया। कार्यक्रम के संयोजक एवं आई क्यु ए सी प्रभारी डॉ. आर. के. राजपूत ने बताया कि भारत के अमृतकाल में विजन 2047 का उद्देश्य देश को विश्व की अग्रणी विकसित राष्ट्रों की श्रेणी में लाना है।
वेबिनार में आमंत्रित मुख्य वक्ता प्रो. आर. पी. पाठक, केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, नई दिल्ली तथा प्रो. नीति भोला, पंडित दीनदयाल उपाध्याय महाविद्यालय, वाराणसी रहीं। दोनों वक्ताओं ने बड़े ही सारगर्वित ढंग से भारत के आर्थिक, शैक्षणिक, सांस्कृतिक एवं तकनीकी उत्थान के मार्ग में भारतीय ज्ञान परंपरा , स्वास्थ्य,नई शिक्षा नीति 2020 एवं युवाओं की भूमिका पर अपने विचार साझा किए तथा कहा विजन 2047 हमें विकास की स्वर्णिम उचाईयों तक लेकर जायेगा।
महाविद्यालय के प्राचार्य डा. पी.एस. कौरव ने अपने उद्बोधन में कहा कि “विकसित भारत का निर्माण तभी संभव है जब नई पीढ़ी नवाचार, आत्मनिर्भरता और सामाजिक उत्तरदायित्व के साथ आगे बढ़े।”
कार्यक्रम का संचालन डा. प्रदीप सिंह एवम डा. कमलेश डेहरिया ने सुव्यवस्थित रूप से किया , बेबिनार में डा. जवाहर शुक्ला, प्रो. सुनील पालीवाल, प्रो एन पी वर्मा, प्रो एस के नायक , डा. शिवराज सिंह, डा. सुनील शर्मा, डा. अर्चना शर्मा, डा. सतीश अग्निहोत्री आदि की उपस्थिति रही और अंत में सभी प्रतिभागियों को ई-प्रमाणपत्र वितरित किए गए। वेबीनार को प्रतिभागियों ने अत्यंत प्रेरक और उपयोगी बताया







