जलगंगा संवर्धन अभियान के तहत भटरा में मनाया गया बावड़ी उत्सव, जल संरक्षण का दिया संदेश
कवि सम्मेलन, ग्राम चौपाल और दीप प्रज्ज्वलन के माध्यम से पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण का लिया संकल्प

संवाददाता अवधेश चौकसे
सालीचौका/नरसिंहपुर। मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद, विकासखंड चीचली जिला नरसिंहपुर के तत्वावधान में जलगंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत ग्राम भटरा में बावड़ी उत्सव का आयोजन उत्साहपूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य जल संरक्षण, जल संवर्धन एवं पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ ग्राम चौपाल से हुआ, जिसमें ग्रामीणों के साथ जल संरक्षण एवं जल स्रोतों के महत्व पर विस्तृत चर्चा की गई। इस दौरान लोगों से जल संकट की चुनौती से निपटने के लिए सामूहिक प्रयास करने का आह्वान किया गया।
कवि सम्मेलन में गूंजा जल संरक्षण का संदेश
बावड़ी उत्सव के अवसर पर बागेश्वरी साहित्य परिषद द्वारा कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में कवियों ने पर्यावरण संरक्षण, जल संवर्धन एवं प्रकृति संरक्षण विषयों पर अपनी रचनाओं का प्रभावशाली काव्य पाठ किया।
काव्य प्रस्तुतियों के माध्यम से उपस्थित ग्रामीणों और युवाओं को जल संरक्षण का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में बाल कवयित्री गरिमा विश्वकर्मा सहित कई साहित्यकारों ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं को प्रभावित किया।
पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण पर दिया गया जोर
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला समन्वयक जयनारायण शर्मा ने जलगंगा संवर्धन अभियान के तहत संचालित विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जल संकट से बचने के लिए पारंपरिक जल स्रोतों जैसे बावड़ी, कुएं और तालाबों का संरक्षण एवं पुनर्जीवन अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने अभियान के तृतीय चरण के अंतर्गत आयोजित किए जा रहे बावड़ी उत्सव के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए समाज की सक्रिय भागीदारी को समय की आवश्यकता बताया।
जल संरक्षण में योगदान देने वालों का हुआ सम्मान
कार्यक्रम के दौरान जल संवर्धन एवं पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाने वाली संस्थाओं को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर नवांकुर संस्था हरदौल जन सेवा समिति बसुरिया एवं भीष्म शिक्षा समिति सुखाखेरी सहित अन्य सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों की सहभागिता रही।
रंगोली और दीपों से सजी बावड़ी
कार्यक्रम के समापन पर बावड़ी परिसर को आकर्षक रंगोली से सजाया गया तथा दीप प्रज्ज्वलित कर जल संरक्षण का सामूहिक संकल्प लिया गया। उपस्थित लोगों ने पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प व्यक्त किया।
बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और नागरिक रहे मौजूद
कार्यक्रम में जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती राधाबाई अहिरवार, ग्राम पंचायत पचामा के सरपंच भवानी प्रसाद जूदेव (राजासाहब), वृक्षमित्र संस्था के संस्थापक योगेंद्र सिंह, बागेश्वरी साहित्य परिषद के अध्यक्ष धनराज विश्वकर्मा, वरिष्ठ कवि पुरुषोत्तम मुख्तियार, दीपक गुप्ता, उमाशंकर राय, कमलेश अहिरवार, ब्रजराज पटेल, रामकृष्ण राजपूत, रामेश्वर वर्मा, कृष्ण कुमार कुशवाहा, गुलाब पटेल, संतोष अग्रवाल सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
इसके अलावा मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास कार्यक्रम (CMCLDP) के परामर्शदाता अभिषेक कौरव, पुखराज राजपूत, स्वप्निल बड़ारिया, रितेश मेहरा, समाजसेवी रेखा कुशवाहा, विकासखंड समन्वयक स्मिता दांडे तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन कार्यक्रम में शामिल हुए।
कार्यक्रम का संचालन रामेश्वर वर्मा ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन कृष्ण कुमार कुशवाहा द्वारा किया गया।







