मन की बात से प्रेरित होकर दहलवाड़ा के ग्रामीणों ने संभाली जल स्रोतों की जिम्मेदारी
दहलवाड़ा में ग्रामीणों ने किया श्रमदान, जल स्रोतों के संरक्षण का लिया संकल्प

गाडरवारा। जनपद पंचायत साईंखेड़ा अंतर्गत ग्राम दहलवाड़ा में जल संरक्षण और स्वच्छता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ग्रामीणों ने सामूहिक श्रमदान कर तालाब सफाई अभियान चलाया। यह अभियान प्रधानमंत्री के लोकप्रिय कार्यक्रम ‘मन की बात’ से प्रेरित होकर तथा क्षेत्रीय विधायक एवं मध्यप्रदेश शासन के स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री राव उदय प्रताप सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया।
अभियान के दौरान गांव के किसानों, मजदूरों, युवाओं, महिलाओं एवं जनप्रतिनिधियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। सभी ने मिलकर तालाब में फैली गंदगी, जलकुंभी और अन्य अवांछित सामग्री को हटाया तथा जल स्रोत को स्वच्छ और उपयोगी बनाने का प्रयास किया। श्रमदान के माध्यम से ग्रामीणों ने यह संदेश दिया कि जल संरक्षण और स्वच्छता केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है।
इस अवसर पर आमगांव छोटा मंडल के महामंत्री प्रतिनिधि, ग्राम के युवा सरपंच राहुल पटेल एवं जनपद सदस्य प्रतिनिधि शुभम पटेल सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि जल जीवन का आधार है और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए जल स्रोतों का संरक्षण अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे जल बचाने और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं।
वक्ताओं ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी लगातार स्वच्छता, जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण के लिए जनभागीदारी को प्रोत्साहित कर रहे हैं। इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए ग्राम दहलवाड़ा में यह विशेष अभियान आयोजित किया गया, जिससे लोगों में जल स्रोतों के संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़े और समाज में सकारात्मक संदेश पहुंचे।
अभियान के दौरान ग्रामीणों को वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देने, जल का दुरुपयोग रोकने तथा तालाबों, कुओं और अन्य जल स्रोतों को स्वच्छ बनाए रखने के लिए प्रेरित किया गया। ग्रामीणों ने भी संकल्प लिया कि भविष्य में ऐसे जनहितकारी अभियानों को निरंतर चलाया जाएगा और गांव को स्वच्छ एवं जल-संपन्न बनाने में सक्रिय भूमिका निभाई जाएगी।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने एक स्वर में कहा कि स्वच्छता और जल संरक्षण समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है तथा जनभागीदारी के माध्यम से ही इन अभियानों को सफल बनाया जा सकता है। ग्रामीणों के इस सराहनीय प्रयास की क्षेत्रभर में प्रशंसा हो रही है।







