हिन्दी हमारी पहचान और स्वाभिमान की भाषा : कुशलेन्द्र श्रीवास्तव
राजभाषा सेवा में योगदान देने वाले साहित्यकारों का हुआ सम्मान, कवि सम्मेलन में रचनाकारों ने बांधा समां

गाडरवारा। हिन्दी दिवस के अवसर पर चेतना मध्यप्रदेश सामाजिक, सांस्कृतिक, साहित्यिक, शैक्षणिक एवं पर्यावरण संस्था, गाडरवारा के तत्वावधान में राजभाषा सम्मेलन एवं सम्मान समारोह-2026 का आयोजन अम्बाजी इंस्टिट्यूट ऑफ कंप्यूटर एजुकेशन, प्रशान्ति निलयम, गाडरवारा में किया गया। कार्यक्रम में हिन्दी भाषा के प्रचार-प्रसार, राजभाषा के प्रति जागरूकता और साहित्यिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया गया। समारोह के दौरान कवि सम्मेलन भी आयोजित किया गया।
हिन्दी संस्कृति और सामाजिक चेतना की अभिव्यक्ति : कुशलेन्द्र श्रीवास्तव
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वरिष्ठ साहित्यकार कुशलेन्द्र श्रीवास्तव ने कहा कि हिन्दी केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, संवेदना और सामाजिक चेतना की अभिव्यक्ति है। हिन्दी हमारी पहचान और स्वाभिमान की भाषा है।
उन्होंने साहित्यकारों और युवाओं से हिन्दी के अधिकाधिक प्रयोग का आह्वान करते हुए कहा कि रचनाकार अपनी लेखनी के माध्यम से हिन्दी भाषा को समृद्ध बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
नई पीढ़ी को हिन्दी साहित्य से जोड़ना जरूरी
वरिष्ठ समाजसेवी मिनेन्द्र डागा ने कहा कि मातृभाषा और राजभाषा के प्रति सम्मान समाज की सांस्कृतिक जड़ों को मजबूत करता है। उन्होंने हिन्दी के प्रति सकारात्मक वातावरण तैयार करने और नई पीढ़ी को हिन्दी साहित्य से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया।
शिक्षाविद श्रीभगवान उपाध्याय, बरमान ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में हिन्दी के सहज और प्रभावी प्रयोग से विद्यार्थियों में अपनी भाषा के प्रति आत्मविश्वास बढ़ता है। उन्होंने हिन्दी को आधुनिक ज्ञान-विज्ञान एवं तकनीकी क्षेत्र से जोड़ने को समय की आवश्यकता बताया।
साहित्य निशा परिषद, बरमान के अध्यक्ष ध्यान सिंह कौरव ने साहित्यिक संस्थाओं की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन रचनाकारों को मंच देने के साथ समाज में साहित्य और भाषा के प्रति जागरूकता पैदा करते हैं।
साहित्यकारों को मिला ‘राजभाषा सेवा सम्मान-2026’
समारोह में हिन्दी एवं राजभाषा की सेवा तथा साहित्यिक योगदान के लिए रचनाकारों को ‘राजभाषा सेवा सम्मान-2026’ से सम्मानित किया गया।
सम्मानित साहित्यकारों में नरेन्द्र सराठे (नरसिंहपुर), सुनील ‘तन्हा’ (आमगाँव बड़ा), अमित जैन ‘संजय’ (करेली), शिवकुमार पाठकार ‘शिवा’ (तेंदूखेड़ा), विवेक दीक्षित ‘स्वतंत्र’ (गाडरवारा), वृंदावन बैरागी ‘कृष्णा’ (कोड़िया), साक्षी पारासर (गाडरवारा), मुकेश रघुवंशी (खला), निहाल छीपा ‘नवल’ (गाडरवारा) एवं शिवम कौरव ‘संघर्ष’ (कान्हरगाँव) शामिल रहे।
कवि सम्मेलन में रचनाकारों ने बांधा समां
सम्मेलन में उपस्थित साहित्यकारों एवं अतिथियों ने हिन्दी भाषा के संरक्षण, संवर्धन और राजभाषा के व्यापक प्रयोग के प्रति संकल्प व्यक्त किया। इसके बाद आयोजित कवि सम्मेलन में रचनाकारों ने अपनी विविध साहित्यिक रचनाओं की प्रस्तुतियां दीं, जिन्हें श्रोताओं ने सराहा। काव्य पाठ के दौरान कार्यक्रम का वातावरण साहित्यिक रंग से सराबोर रहा।
अम्बाजी परिवार का रहा सहयोग
कार्यक्रम का आयोजन अम्बाजी परिवार, गाडरवारा के सहयोग से किया गया। समारोह में पोषराज अकेला, अखिलेश साहू, सचिन नेमा, श्रीमती निर्मला पारासर, पी.एस. पुरानिया, सुभाष सोनी, सुनील कुशवाहा सहित साहित्यप्रेमी, शिक्षाविद, सामाजिक कार्यकर्ता एवं नगर के गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।







