Gadarwara News: एनसीसीएफ जांच टीम पहुंचते ही वेयरहाउस में मचा हड़कंप, गेटों पर लगे ताले; खरीदी प्रक्रिया पर उठे सवाल

गाडरवारा। मध्य प्रदेश वेयरहाउसिंग एंड लॉजिस्टिक्स कॉर्पोरेशन की गाडरवारा शाखा गुरुवार को अचानक चर्चा का केंद्र बन गई, जब नेशनल कोऑपरेटिव कंज्यूमर्स फेडरेशन (एनसीसीएफ) की इंदौर शाखा से आई जांच टीम ने वेयरहाउस का निरीक्षण शुरू किया। जांच टीम के पहुंचते ही परिसर में हलचल बढ़ गई और कुछ ही देर बाद मुख्य प्रवेश द्वार सहित अन्य गेटों पर ताले लगाए जाने की सूचना सामने आई। इस घटनाक्रम ने पूरे क्षेत्र में चर्चाओं का दौर तेज कर दिया है।
जानकारी के अनुसार वेयरहाउस में संचालित कमर्शियल चना, मसूर और तुअर खरीदी से संबंधित शिकायतों की जांच की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक खरीदी प्रक्रिया, स्टॉक की गुणवत्ता, भंडारण व्यवस्था तथा रिकॉर्ड संधारण को लेकर लंबे समय से सवाल उठाए जा रहे थे। इन्हीं शिकायतों के आधार पर एनसीसीएफ की जांच टीम गाडरवारा पहुंची है।
जांच शुरू होते ही बढ़ी गतिविधियां
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जांच दल के पहुंचने के बाद वेयरहाउस परिसर में अधिकारियों और कर्मचारियों की गतिविधियां अचानक बढ़ गईं। दस्तावेजों की जांच, स्टॉक का सत्यापन और रिकॉर्ड का मिलान किए जाने की प्रक्रिया शुरू हुई। इसी दौरान परिसर के कई हिस्सों में बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक लगाए जाने की जानकारी भी सामने आई।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जांच टीम के पहुंचने के बाद परिसर के मुख्य गेट और अन्य प्रवेश द्वार बंद कर दिए गए, जिससे उत्सुकता और बढ़ गई। कई लोगों ने इसे सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया बताया, जबकि कुछ लोगों ने पारदर्शिता को लेकर सवाल खड़े किए।
मीडिया को प्रवेश नहीं मिलने से उठे सवाल
जांच के दौरान मीडिया प्रतिनिधियों को भी परिसर के भीतर प्रवेश नहीं दिए जाने की बात सामने आई है। इससे स्थानीय स्तर पर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। लोगों का कहना है कि यदि जांच पूरी तरह नियमों और पारदर्शिता के साथ हो रही है तो मीडिया की मौजूदगी से परहेज क्यों किया गया।
हालांकि इस संबंध में वेयरहाउस प्रबंधन या जांच दल की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अधिकारियों ने फिलहाल जांच प्रक्रिया पर सार्वजनिक रूप से कुछ भी कहने से परहेज किया है।
खरीदी रिकॉर्ड और गुणवत्ता की हो रही जांच
सूत्रों के अनुसार जांच टीम खरीदी से जुड़े दस्तावेजों, स्टॉक रजिस्टर, गुणवत्ता परीक्षण रिपोर्ट और अन्य अभिलेखों की गहन जांच कर रही है। यह भी देखा जा रहा है कि खरीदी गई उपज निर्धारित मानकों के अनुरूप है या नहीं तथा पूरी प्रक्रिया में शासन और एनसीसीएफ के दिशा-निर्देशों का पालन किया गया या नहीं।
बताया जा रहा है कि जांच दल ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों का अवलोकन किया है और संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों से भी जानकारी प्राप्त की है।
किसानों की नजर जांच रिपोर्ट पर
क्षेत्र के किसानों और व्यापारिक वर्ग की निगाहें अब इस जांच के निष्कर्षों पर टिकी हुई हैं। किसानों का मानना है कि यदि किसी स्तर पर अनियमितता हुई है तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। वहीं यदि शिकायतें निराधार साबित होती हैं तो इससे जुड़े तथ्यों को भी सार्वजनिक किया जाना चाहिए।
फिलहाल जांच प्रक्रिया जारी है और वास्तविक स्थिति जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। आने वाले दिनों में इस मामले में और महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
नोट: समाचार में उल्लेखित अनियमितताओं संबंधी जानकारी विभिन्न स्रोतों और स्थानीय स्तर पर प्राप्त शिकायतों पर आधारित है। किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले जांच रिपोर्ट और संबंधित अधिकारियों के आधिकारिक बयान का इंतजार किया जाना चाहिए।







