गाडरवारा: 24 घंटे में डोंगरगांव के अंधे कत्ल का खुलासा, प्रेम संबंध के विवाद में हुई थी युवक की हत्या
पुलिस ने आरोपी वीरेंद्र और एक विधि के उल्लंघनकर्ता बालक को अभिरक्षा में लिया, चाकू से किया गया था हमला

गाडरवारा। थाना डोंगरगांव क्षेत्र में ग्राम चोरवरहटा जाने वाले मार्ग पर हुई युवक की हत्या के मामले का पुलिस ने महज 24 घंटे में खुलासा कर दिया है। पुलिस के अनुसार हत्या प्रेम संबंध को लेकर हुए विवाद के चलते की गई थी। मामले में पुलिस ने आरोपी वीरेंद्र सहित एक विधि के उल्लंघनकर्ता बालक को अभिरक्षा में लिया है। पुलिस द्वारा मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई एवं विवेचना जारी है।
सड़क किनारे मिला था शव
पुलिस के अनुसार 15 अगस्त 2026 को थाना डोंगरगांव में सूचना मिली थी कि ग्राम चोरवरहटा जाने वाले मार्ग पर एक व्यक्ति मृत अवस्था में पड़ा हुआ है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। जांच में व्यक्ति की मौत हो चुकी थी और उसके पेट में चाकू से वार किए जाने के निशान मिले।
प्रथम दृष्टया मामला हत्या का पाए जाने पर पुलिस ने अज्ञात आरोपी के विरुद्ध हत्या का प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू की। शुरुआती जांच में घटना के संबंध में कोई ठोस जानकारी सामने नहीं आई थी, जिसके बाद पुलिस ने मामले को चुनौती के रूप में लेते हुए आरोपियों की तलाश शुरू की।
एसपी के निर्देश पर गठित की गईं तीन विशेष टीमें
अंधे कत्ल का खुलासा करने के लिए पुलिस अधीक्षक डॉ. ऋषिकेश मीना एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संदीप भूरिया के मार्गदर्शन तथा एसडीओपी गाडरवारा ललित डागुर के नेतृत्व में तीन विशेष पुलिस टीमों का गठन किया गया।
पुलिस टीमों ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। फिंगर प्रिंट एवं डॉग स्क्वाड की मदद से वैज्ञानिक एवं तकनीकी साक्ष्य जुटाए गए। इसके साथ ही पुलिस ने मुखबिर तंत्र को सक्रिय करते हुए घटनास्थल के आसपास के क्षेत्र और स्थानीय लोगों से पूछताछ की।
पत्नी के प्रेम संबंध से जुड़ा सामने आया हत्या का कारण
पुलिस की जांच के दौरान महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई कि मृतक की पत्नी के उसके जीजा वीरेंद्र के साथ प्रेम संबंध थे। पुलिस के अनुसार करीब सात महीने पहले मृतक की पत्नी वीरेंद्र के साथ चली गई थी, लेकिन बाद में बच्चों के कारण वह वापस अपने पति के घर आ गई थी।
पुलिस के मुताबिक पत्नी के वापस पति के घर आने से वीरेंद्र नाराज था। इसी विवाद को हत्या की वारदात से जोड़कर पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई।
पूछताछ में सामने आया वारदात का राज
महत्वपूर्ण जानकारी मिलने के बाद पुलिस टीम ने वीरेंद्र को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की। पुलिस के अनुसार पूछताछ में वीरेंद्र ने एक विधि के उल्लंघनकर्ता बालक के साथ मिलकर मृतक की चाकू से हत्या करना स्वीकार किया।
आरोपी के कथन और पुलिस द्वारा जुटाए गए उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर वीरेंद्र तथा एक विधि के उल्लंघनकर्ता बालक को अभिरक्षा में लिया गया है।
पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई और विवेचना जारी है तथा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर प्रकरण की जांच की जा रही है।
24 घंटे में खुलासा
डोंगरगांव थाना क्षेत्र में हुई इस हत्या की गुत्थी को पुलिस ने घटनास्थल से मिले वैज्ञानिक एवं तकनीकी साक्ष्यों, स्थानीय स्तर पर की गई पूछताछ और मुखबिर तंत्र की मदद से करीब 24 घंटे में सुलझाने का दावा किया है। पुलिस अब मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।
इनकी रही महत्वपूर्ण भूमिका
अंधे कत्ल के खुलासे एवं आरोपियों की पतासाजी में थाना प्रभारी डोंगरगांव निरीक्षक अनिल अजमेरिया, थाना प्रभारी गाडरवारा निरीक्षक अशोक सिंह चौहान, उपनिरीक्षक बबीता पहाड़े, उपनिरीक्षक अमित गोटिया, सहायक उपनिरीक्षक राजेश तिवारी, प्रधान आरक्षक आरिफ खान, रामगोपाल राजपूत, परमानंद, आरक्षक रंजीत सिंह, सोबरन ठाकुर, मोनिका दुबे, पुष्पराज बागरी, सोनू सतारे, प्रतीक, रूपेश चौबे, दिनेश पटेल, महेन्द्र वावरिया, विश्वजीत ठाकुर, अक्षय श्रीवास्तव एवं वदेश्वरी की महत्वपूर्ण भूमिका रही।







