मां कंकाली माता मंदिर के पुजारियों का करणी सेना परिवार ने किया सम्मान, भेंट किए सम्मान पत्र
नवरात्रि में श्रद्धालुओं की सेवा और धार्मिक परंपराओं के निर्वहन में पुजारियों के योगदान को सराहा

संवाददाता सम्राट अंकित कुशवाहा
मंडीदीप। रायसेन जिले के सुप्रसिद्ध मां कंकाली माता मंदिर में करणी सेना परिवार मंडीदीप की टीम ने मां के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर करणी सेना परिवार के पदाधिकारियों ने मंदिर के मुख्य पुजारी भुवनेश भार्गव सहित समस्त पुजारियों को सम्मान पत्र भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम के माध्यम से धार्मिक परंपराओं के संरक्षण और मंदिरों में सेवा कार्य करने वाले लोगों के प्रति सम्मान व्यक्त किया गया।
पुजारियों की धार्मिक सेवाओं को सराहा
भोजपुर विधानसभा मीडिया प्रमुख सचिन राजपूत ने जानकारी देते हुए बताया कि मां कंकाली माता मंदिर में पुजारी लंबे समय से श्रद्धालुओं को धार्मिक सेवाएं प्रदान करने के साथ ही मंदिर की परंपराओं और धार्मिक व्यवस्थाओं के निर्वहन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। विशेष रूप से नवरात्रि पर्व के दौरान मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में पुजारियों द्वारा धार्मिक अनुष्ठानों और पूजा-अर्चना की व्यवस्थाओं में दिया जाने वाला योगदान सराहनीय है।
इसी योगदान को देखते हुए करणी सेना परिवार मंडीदीप की टीम ने मंदिर पहुंचकर पुजारियों के प्रति आभार व्यक्त किया और उन्हें सम्मान पत्र भेंट कर सम्मानित किया।
धार्मिक परंपराओं के संरक्षण का दिया संदेश
सम्मान कार्यक्रम के दौरान करणी सेना परिवार के पदाधिकारियों ने कहा कि धार्मिक स्थलों की परंपराओं को जीवंत बनाए रखने तथा श्रद्धालुओं को धार्मिक सेवाएं उपलब्ध कराने में पुजारियों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। ऐसे सेवा भाव से जुड़े लोगों का सम्मान करना समाज की सकारात्मक परंपरा है।
टीम के सदस्यों ने मां कंकाली माता के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया और पुजारियों के सेवा कार्यों की सराहना करते हुए उनके प्रति सम्मान प्रकट किया।
ये पदाधिकारी रहे उपस्थित
इस अवसर पर करणी सेना परिवार रायसेन के जिला सहसचिव करन राजपूत, सम्राट अंकित कुशवाहा, तहसील उपाध्यक्ष नीलेश राजपूत, मंडीदीप नगर अध्यक्ष राजेंद्र राजपूत, नगर उपाध्यक्ष पप्पू ठाकुर (राजपूत), प्रताप सिंह राजपूत सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम धार्मिक आस्था, सामाजिक सम्मान और परंपराओं के प्रति समर्पण का संदेश देने वाला रहा।







