मध्य प्रदेश

28 गांवों की 2,075 महिला शेयरधारकों के मिलेट उत्पादों का कमिश्नर ने किया निरीक्षण

सतपुड़ांचल एफपीसी की श्री अन्न प्रसंस्करण इकाई पहुंचे कमिश्नर मयंक अग्रवाल, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और मार्केटिंग बेहतर बनाने के दिए सुझाव

संवाददाता शैलेंद्र गुप्ता शाहपुर

शाहपुर, 9 अक्टूबर। बैतूल जिले के शाहपुर क्षेत्र में संचालित सतपुड़ांचल किसान उत्पादक कंपनी लिमिटेड (एफपीसी) की श्री अन्न (मिलेट) प्रसंस्करण इकाई का वीबी-जी रैम जी योजना के कमिश्नर मयंक अग्रवाल ने भ्रमण कर निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिला किसानों द्वारा तैयार किए जा रहे मिलेट उत्पादों की निर्माण प्रक्रिया का अवलोकन किया और महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार के साथ पैकेजिंग, ब्रांडिंग और विपणन को अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया।

निरीक्षण के दौरान कमिश्नर ने इकाई में तैयार किए जा रहे मिलेट कुकीज, आटा, पास्ता सहित अन्य श्री अन्न उत्पादों को देखा। उन्होंने स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कृषि उपज का प्रसंस्करण कर उसका मूल्य संवर्धन करने की पहल को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि उत्पादों को बाजार की मांग के अनुरूप विकसित करना और उनकी पहुंच अधिक से अधिक उपभोक्ताओं तक बनाना आवश्यक है।

28 गांवों की 2,075 महिला शेयरधारक कंपनी से जुड़ीं

सतपुड़ांचल किसान उत्पादक कंपनी लिमिटेड महिला-केंद्रित किसान उत्पादक कंपनी है, जिससे क्षेत्र के 28 गांवों की 2,075 महिला शेयरधारक जुड़ी हुई हैं। कंपनी श्री अन्न के प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन और विपणन के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं के लिए स्वरोजगार एवं आजीविका के अवसर विकसित करने की दिशा में काम कर रही है।

मिलेट आधारित खाद्य उत्पादों के निर्माण से पारंपरिक अनाजों को नए स्वरूप में बाजार तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। इससे स्थानीय कृषि उपज को बेहतर बाजार मिलने, महिला उद्यमिता को प्रोत्साहन देने और किसानों की आय बढ़ाने की संभावनाएं विकसित हो रही हैं।

पैकेजिंग और ब्रांडिंग से बढ़ सकती है बाजार में पहुंच

कमिश्नर मयंक अग्रवाल ने उत्पादों की गुणवत्ता बनाए रखने, आकर्षक पैकेजिंग और प्रभावी ब्रांडिंग के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने बाजार की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए उत्पादों के विकास तथा विपणन के नए अवसर तलाशने के संबंध में मार्गदर्शन दिया।

मिलेट आधारित उत्पादों को व्यापक बाजार तक पहुंचाने के लिए उनकी गुणवत्ता, पैकेजिंग, पहचान और मार्केटिंग महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। ऐसे प्रयासों से स्थानीय स्तर पर तैयार होने वाले उत्पादों को नई पहचान मिलने के साथ ग्रामीण महिलाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर भी बढ़ सकते हैं।

अधिकारियों ने दी कंपनी की गतिविधियों की जानकारी

भ्रमण के दौरान सतपुड़ांचल एफपीसी की निदेशक यशोदा कसदे एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी योगेश देशमुख ने कमिश्नर को कंपनी की गतिविधियों, महिला किसानों की भागीदारी, श्री अन्न प्रसंस्करण, उत्पाद विकास और विपणन संबंधी कार्यों की जानकारी दी।

कमिश्नर ने महिला समूहों को संगठित कर कृषि आधारित उद्यमिता और ग्रामीण आजीविका को बढ़ावा देने के प्रयासों की सराहना की। इस अवसर पर जिला पंचायत बैतूल के मुख्य कार्यपालन अधिकारी गणेश जायसवाल, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के जिला परियोजना प्रबंधक सतीश पवार, परियोजना अधिकारी संजय यादव, एनआरएलएम शाहपुर के ब्लॉक मैनेजर घनश्याम यादव, सनराइज के सचिव राजकुमार सिरोरिया, सहायक कलेक्टर पुष्पराज खोट सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण रोजगार को मिल रहा बढ़ावा

सतपुड़ांचल एफपीसी की पहल पारंपरिक श्री अन्न को आधुनिक प्रसंस्करण और विपणन से जोड़ने का प्रयास है। इसके माध्यम से ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ाने, स्थानीय संसाधनों का बेहतर उपयोग करने और कृषि आधारित उद्यमों को प्रोत्साहित करने की संभावनाएं मजबूत हो रही हैं।

महिला शेयरधारकों की भागीदारी से संचालित यह पहल जनजातीय क्षेत्र में महिला सशक्तिकरण, ग्रामीण उद्यमिता और स्थानीय रोजगार के अवसर विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

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