गाडरवारा में गूंजेगा रंगमंच का जादू, एनएसडी के बैनर तले बुंदेली-हिन्दी नाटक ‘पंचलाइट’ का मंचन
एनटीपीसी ऑडिटोरियम में शाम 7 बजे होगी प्रस्तुति, प्रवेश पूर्णतः निःशुल्क; राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय की 30 दिवसीय कार्यशाला का होगा समापन

गाडरवारा। कला, साहित्य और रंगमंच के क्षेत्र में गाडरवारा के लिए एक विशेष और ऐतिहासिक अवसर सामने आया है। राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (एनएसडी), नई दिल्ली एवं संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से नगर में आयोजित 30 दिवसीय नाट्य कार्यशाला का समापन प्रतिभागियों द्वारा तैयार किए गए प्रसिद्ध नाटक ‘पंचलाइट’ के सार्वजनिक मंचन के साथ होगा।
यह प्रस्तुति शनि मंदिर के पास स्थित एनटीपीसी ऑडिटोरियम में 10 सितंबर, गुरुवार को शाम 7 बजे आयोजित की जाएगी। नाटक की भाषा बुंदेली एवं हिन्दी होगी तथा इसकी अवधि लगभग 1 घंटा 10 मिनट रहेगी। प्रस्तुति का निर्देशन पुनीत विक्रम त्रिवेदी द्वारा किया गया है, जबकि प्रसिद्ध फिल्म अभिनेता आशुतोष राणा के मार्गदर्शन का भी इस आयोजन में विशेष योगदान है। प्रस्तुति रंगसरोकार नाट्य प्रसार समिति, नरसिंहपुर के दिशा-निर्देशन में होगी।
फणीश्वरनाथ रेणु की कालजयी कहानी को मिलेगा बुंदेली रंग
‘पंचलाइट’ हिन्दी साहित्य के प्रसिद्ध कथाकार फणीश्वरनाथ रेणु की कालजयी कहानी है। ग्रामीण जीवन, सामाजिक परिस्थितियों, अशिक्षा पर व्यंग्य, मानवीय रिश्तों और प्रेम को केंद्र में रखकर लिखी गई इस कहानी में गांव के जीवन की सहजता और उसकी जटिलताओं को बेहद प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया है।
कहानी में पेट्रोमैक्स की रोशनी यानी ‘पंचलाइट’ को केंद्र में रखते हुए ग्रामीण समाज की मानसिकता, आपसी संबंधों और सामाजिक प्रतिष्ठा के विभिन्न पहलुओं को रोचक ढंग से सामने लाया गया है। इस बार इस चर्चित कहानी को बुंदेली रंग और स्थानीय सांस्कृतिक संवेदनाओं के साथ मंच पर प्रस्तुत किया जाएगा।
बुंदेली भाषा और ग्रामीण परिवेश का समावेश इस प्रस्तुति को स्थानीय दर्शकों के लिए और भी आकर्षक बनाने वाला है। नाटक के माध्यम से दर्शकों को हास्य, व्यंग्य, प्रेम, मानवीय संवेदना और ग्रामीण जीवन की जीवंत झलक एक साथ देखने को मिलेगी।
30 दिवसीय नाट्य कार्यशाला का भव्य समापन
गौरतलब है कि नगर पालिका परिषद गाडरवारा द्वारा एनटीपीसी ऑडिटोरियम में राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय की 30 दिवसीय नाट्य कार्यशाला का संचालन किया जा रहा है। इस कार्यशाला में नगर एवं आसपास के क्षेत्र के अनेक युवा रंगकर्मी प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।
कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों को रंगमंच से जुड़ी विभिन्न विधाओं और तकनीकों का गहन प्रशिक्षण दिया गया। एनएसडी से जुड़े अनुभवी प्रशिक्षकों द्वारिका दाहिया, सुंदर लाल छाबड़ा और आशीष गढ़वाल सहित विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को अभिनय एवं रंगमंच की बारीकियां सिखाईं।
लगभग एक माह तक चले इस प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को अभिनय, वाणी एवं उच्चारण, शरीर की अभिव्यक्ति, चरित्र निर्माण, रंगभाषा, दृश्य-संयोजन, मंच अनुशासन और रंगमंच की व्यावहारिक तकनीकों का प्रशिक्षण दिया गया।
अब प्रशिक्षण के दौरान सीखी गई इन कलाओं को प्रतिभागी पहली बार बड़े सार्वजनिक मंच पर प्रस्तुत करेंगे। यही कारण है कि ‘पंचलाइट’ का मंचन केवल एक नाटक की प्रस्तुति नहीं, बल्कि युवा कलाकारों के लिए अपनी प्रतिभा को दर्शकों के सामने रखने का महत्वपूर्ण अवसर भी है।
एनटीपीसी गाडरवारा का विशेष सहयोग
इस पूरे आयोजन में एनटीपीसी गाडरवारा का विशेष सहयोग प्राप्त हो रहा है। एनटीपीसी ऑडिटोरियम जैसे सुविधायुक्त मंच पर राष्ट्रीय स्तर की संस्था एनएसडी के मार्गदर्शन में तैयार नाट्य प्रस्तुति का आयोजन क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण सांस्कृतिक उपलब्धि माना जा रहा है।
स्थानीय रंगकर्मियों, साहित्यकारों, विद्यार्थियों और कला प्रेमियों में इस आयोजन को लेकर विशेष उत्साह है। गाडरवारा जैसे छोटे शहर में राष्ट्रीय स्तर की नाट्य संस्था द्वारा कार्यशाला आयोजित किया जाना क्षेत्र के युवा कलाकारों के लिए नए अवसरों के द्वार खोलने वाला कदम माना जा रहा है।
छोटे शहरों में रंगमंच की नई चेतना
राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय भारत में रंगमंच प्रशिक्षण की प्रमुख राष्ट्रीय संस्थाओं में से एक है। इसकी स्थापना वर्ष 1959 में संगीत नाटक अकादमी द्वारा की गई थी और वर्ष 1975 में इसे भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के अधीन स्वायत्त संस्था का स्वरूप मिला।
एनएसडी का उद्देश्य देश में आधुनिक रंगमंच को बढ़ावा देना तथा युवाओं को अभिनय, निर्देशन और रंगमंच की विभिन्न विधाओं का व्यवस्थित प्रशिक्षण देना है। इसी उद्देश्य के तहत छोटे शहरों और ग्रामीण अंचलों में भी कार्यशालाओं एवं रंगमंचीय गतिविधियों का आयोजन किया जाता है।
गाडरवारा में आयोजित यह कार्यशाला भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इससे स्थानीय युवाओं को राष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षकों से सीधे सीखने का अवसर मिला है।
निःशुल्क रहेगा प्रवेश
‘पंचलाइट’ के सार्वजनिक मंचन में प्रवेश पूर्णतः निःशुल्क रहेगा। आयोजकों ने नगर सहित आसपास के क्षेत्र के नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर युवा कलाकारों का उत्साहवर्धन करने की अपील की है।
नगर पालिका अध्यक्ष पंडित शिवाकांत मिश्रा ने नगर के सभी कला प्रेमियों, साहित्यकारों, विद्यार्थियों एवं नागरिकों से कार्यक्रम में उपस्थित होने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि गाडरवारा के लिए यह गौरव की बात है कि राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय जैसी प्रतिष्ठित संस्था यहां नाट्य कार्यशाला का आयोजन कर रही है।
युवा रंगकर्मियों के लिए यादगार रहेगा आयोजन
‘पंचलाइट’ की प्रस्तुति में कार्यशाला के दौरान प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे युवा कलाकार अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। लंबे प्रशिक्षण के बाद मंच पर होने वाली यह प्रस्तुति उनके लिए आत्मविश्वास बढ़ाने और रंगमंच की दुनिया में आगे बढ़ने का महत्वपूर्ण अनुभव साबित होगी।
गाडरवारा में लंबे समय बाद राष्ट्रीय स्तर की नाट्य संस्था के मार्गदर्शन में होने जा रहे इस आयोजन को लेकर कला एवं संस्कृति से जुड़े लोगों में खासा उत्साह है। माना जा रहा है कि यह आयोजन क्षेत्र में रंगमंच की गतिविधियों को नई गति देने के साथ-साथ युवाओं में अभिनय और रंगकला के प्रति रुचि को भी बढ़ावा देगा।
कार्यक्रम: छात्र नाट्य ‘पंचलाइट’
भाषा: बुंदेली/हिन्दी
समय: शाम 7 बजे
स्थान: एनटीपीसी ऑडिटोरियम, शनि मंदिर के पास, गाडरवारा
प्रवेश: पूर्णतः निःशुल्क
अवसर: 30 दिवसीय एनएसडी नाट्य कार्यशाला का समापन







