किसानों के आंदोलन का असर: मूंग खरीदी केंद्र बढ़े, पौडार चौराहे से खत्म हुआ चक्काजाम
हाईवे-22 पर हजारों किसानों ने किया प्रदर्शन, प्रशासन ने बढ़ाए उपार्जन केंद्र; अब करपगांव समिति की खरीदी स्वर्णपरी वेयरहाउस में होगी

संवाददाता अवधेश चौकसे
सालीचौका (नरसिंहपुर)। मूंग खरीदी केंद्र को बिना पूर्व सूचना करेली स्थानांतरित किए जाने के विरोध में मंगलवार को सालीचौका के पौडार चौराहे पर किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। हजारों किसान स्टेट हाईवे-22 पर धरने पर बैठ गए, जिससे दोनों ओर करीब दो किलोमीटर तक भारी वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। किसानों के प्रदर्शन के बाद प्रशासन हरकत में आया और मूंग उपार्जन केंद्रों की संख्या बढ़ाने का निर्णय लिया। साथ ही करपगांव समिति की खरीदी अब स्वर्णपरी वेयरहाउस, सालीचौका में कराने की घोषणा की गई, जिसके बाद किसानों ने आंदोलन समाप्त कर दिया।
55 किलोमीटर दूर खरीदी केंद्र बनाए जाने से भड़के किसान
किसानों ने बताया कि पहले उनकी मूंग की खरीदी गर्वित वेयरहाउस, सालीचौका में हो रही थी, लेकिन वेयरहाउस भर जाने के बाद बिना किसी पूर्व सूचना के खरीदी केंद्र करेली स्थानांतरित कर दिया गया। किसानों का कहना था कि करेली मंडी करीब 55 किलोमीटर दूर है, जहां अपनी उपज ले जाना आर्थिक और व्यावहारिक रूप से बेहद कठिन है।
किसानों ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने उनकी सुविधा और लागत का ध्यान रखे बिना खरीदी केंद्र बदल दिया, जिससे उन्हें अतिरिक्त परिवहन खर्च और समय की परेशानी उठानी पड़ती।
हाईवे पर लगा लंबा जाम
आक्रोशित किसानों ने पोदार चौराहे पर चक्काजाम कर दिया। इसके चलते स्टेट हाईवे-22 पर गाडरवारा, पिपरिया, खमरिया और सालीचौका की ओर जाने वाले मार्गों पर यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया। दोनों ओर करीब दो किलोमीटर तक ट्रक, बसें और अन्य वाहन फंस गए। कई यात्रियों को घंटों तक जाम में इंतजार करना पड़ा।
प्रदर्शन कर रहे किसानों ने स्पष्ट कहा कि जब तक कोई जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारी मौके पर आकर उनकी समस्या का समाधान नहीं करेगा, तब तक वे आंदोलन जारी रखेंगे।
प्रशासन के फैसले के बाद खत्म हुआ आंदोलन
आंदोलन के दौरान सूचना मिली कि करपगांव समिति, जो पहले गर्वित वेयरहाउस में खरीदी कर रही थी, उसकी खरीदी अब स्वर्णपरी वेयरहाउस, पोदार (सालीचौका) में की जाएगी। इस निर्णय के बाद किसानों में संतोष देखा गया और चक्काजाम समाप्त कर दिया गया।
खबर का असर: बढ़ाए गए मूंग खरीदी केंद्र
3 अगस्त को प्रकाशित समाचार के बाद प्रशासन ने जिले में मूंग उपार्जन केंद्रों की संख्या बढ़ाकर 35 कर दी है। साथ ही मूंग उपार्जन की अंतिम तिथि 20 अगस्त निर्धारित की गई है।
प्रशासन के अनुसार किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए विभिन्न क्षेत्रों में नए उपार्जन केंद्र शुरू किए गए हैं, जिससे किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी।
किसानों ने किया निर्णय का स्वागत
किसानों ने खरीदी केंद्र बढ़ाने के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि यदि शुरुआत में ही उनकी समस्याओं पर ध्यान दिया जाता तो आंदोलन की नौबत नहीं आती। उन्होंने मांग की कि भविष्य में खरीदी केंद्रों में किसी भी प्रकार का परिवर्तन करने से पहले किसानों को समय पर सूचना दी जाए और उनकी सहूलियत का भी ध्यान रखा जाए।







