क्राइममध्य प्रदेश

पत्रकार ने दी अवैध उत्खनन की जानकारी, एसडीएम बोले- ‘शिकायत करिए, तब कार्रवाई करूंगा’

बरबतपुर के शासकीय डेम से मुरम उत्खनन का दावा, सूचना के बाद भी कार्रवाई नहीं होने पर उठे सवाल

संवाददाता शैलेंद्र गुप्ता शाहपुर

शाहपुर। अमृत 2.0 योजना के तहत बरबतपुर में निर्माणाधीन वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट के लिए शासकीय डेम क्षेत्र से मुरम निकाले जाने के दावों को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। मामले को लेकर खबर प्रकाशित होने के बाद भी मंगलवार को दिनभर जेसीबी मशीन से मुरम उत्खनन और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के जरिए निर्माण स्थल तक मुरम पहुंचाए जाने का दावा स्थानीय लोगों ने किया है। इस बीच पूरे मामले की जानकारी शाहपुर के एसडीएम आर. प्रपंच को भी दी गई, लेकिन उनका जवाब अब चर्चा का विषय बन गया है।

जानकारी के अनुसार, जब पत्रकार ने एसडीएम को फोन पर पूरे मामले से अवगत कराया और कार्रवाई के संबंध में पूछा, तो उन्होंने कहा, “आप शिकायत करिए, मैं कार्रवाई करूंगा।” इसके बाद प्रशासनिक कार्यप्रणाली को लेकर कई सवाल खड़े होने लगे हैं।

सूचना मिलने के बाद क्या तत्काल जांच नहीं होनी चाहिए थी?

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि किसी शासकीय भूमि पर संभावित रूप से नियमों के विपरीत उत्खनन होने की सूचना प्रशासन को मिलती है, तो संबंधित अधिकारियों द्वारा तत्काल मौके का निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति का पता लगाया जाना चाहिए। ऐसे मामलों में जांच के बाद यदि कोई अनियमितता नहीं मिलती, तो स्थिति स्पष्ट हो जाती है, और यदि नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो समय रहते कार्रवाई संभव होती है।

इसी कारण यह सवाल उठ रहा है कि जब प्रशासन को संभावित अनियमितता की जानकारी दे दी गई थी, तब मौके पर तत्काल जांच या निरीक्षण के निर्देश क्यों नहीं दिए गए।

मंगलवार को भी जारी रहने का दावा

स्थानीय लोगों के अनुसार मंगलवार को भी बरबतपुर स्थित शासकीय डेम क्षेत्र में जेसीबी मशीन से मुरम निकाली जाती रही। इसके बाद ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के माध्यम से मुरम को अमृत 2.0 योजना के तहत निर्माणाधीन वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट तक पहुंचाकर भराव कार्य में उपयोग किए जाने का दावा किया गया। हालांकि इस संबंध में प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि या खंडन सामने नहीं आया है।

खनिज विभाग और नगर परिषद की भूमिका भी चर्चा में

मामले में केवल राजस्व प्रशासन ही नहीं, बल्कि खनिज विभाग और नगर परिषद की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। यदि शासकीय भूमि से मुरम निकाले जाने के दावे सही हैं, तो खनिज विभाग द्वारा मौके का निरीक्षण कर स्थिति स्पष्ट क्यों नहीं की गई?

वहीं अमृत 2.0 योजना के निर्माण कार्य की निगरानी कर रही नगर परिषद से भी यह अपेक्षा की जा रही है कि निर्माण सामग्री के स्रोत का सत्यापन किया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि उपयोग की जा रही मुरम वैध अनुमति वाले स्रोत से लाई जा रही है।

जांच से ही दूर होंगे सभी सवाल

पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि प्रशासनिक जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि शासकीय डेम क्षेत्र से मुरम का उत्खनन नियमानुसार किया जा रहा था या नहीं। यदि सभी आवश्यक अनुमतियां मौजूद हैं, तो उन्हें सार्वजनिक कर स्थिति स्पष्ट की जा सकती है। वहीं यदि अनियमितता पाई जाती है, तो संबंधित पक्षों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।

उठ रहे हैं ये सवाल

  • पत्रकार द्वारा सूचना दिए जाने के बाद तत्काल मौके का निरीक्षण क्यों नहीं कराया गया?
  • क्या शासकीय भूमि से संभावित उत्खनन की सूचना मिलने पर स्वतः संज्ञान लेकर जांच नहीं की जानी चाहिए?
  • खनिज विभाग ने अब तक मौके का निरीक्षण क्यों नहीं किया?
  • नगर परिषद ने निर्माण सामग्री के स्रोत का सत्यापन किया या नहीं?
  • यदि उत्खनन पूरी तरह वैध है, तो संबंधित स्वीकृतियां और अनुमति सार्वजनिक क्यों नहीं की जा रही हैं?

इनका कहना

एसडीएम शाहपुर आर. प्रपंच ने कहा, “आप शिकायत करिए, मैं कार्रवाई करूंगा।”

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!