नरसिंहपुर हाईवे हादसे के बाद बवाल: 5 युवकों के शव रखकर 3 घंटे चक्काजाम, परिजनों ने कहा- यह हादसा नहीं, हत्या है
परिजनों ने सड़क हादसा मानने से किया इनकार, बोले- यह दुर्घटना नहीं, सुनियोजित हत्या; फरार हाइवा चालक की गिरफ्तारी की मांग

नरसिंहपुर। जबलपुर-नरसिंहपुर सीमा पर हुए भीषण सड़क हादसे में पांच युवकों की मौत के बाद सोमवार को पावला गांव में माहौल तनावपूर्ण हो गया। मृतकों के परिजनों और ग्रामीणों ने भोपाल-जबलपुर नेशनल हाईवे पर पांचों के शव रखकर करीब तीन घंटे तक चक्काजाम किया। प्रदर्शनकारियों ने घटना को सामान्य सड़क दुर्घटना मानने से इनकार करते हुए इसे सुनियोजित हत्या बताया और फरार हाइवा चालक की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की।
18 घंटे बाद भी आरोपी नहीं पकड़ा गया
ग्रामीणों का आरोप था कि घटना के लगभग 18 घंटे बीत जाने के बावजूद पुलिस न तो हाइवा वाहन का पता लगा सकी और न ही उसके चालक को गिरफ्तार कर पाई। इससे नाराज लोगों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और निष्पक्ष जांच की मांग की।
वरिष्ठ अधिकारी पहुंचे मौके पर
सूचना मिलते ही सुआतला थाना पुलिस, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने मृतकों के परिजनों और प्रत्यक्षदर्शियों से बातचीत कर उनके बयान दर्ज किए तथा निष्पक्ष जांच और आरोपी की जल्द गिरफ्तारी का भरोसा दिया। आश्वासन मिलने के बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ और हाईवे पर यातायात दोबारा शुरू कराया गया।
तीन घंटे तक ठप रहा नेशनल हाईवे
शव रखकर किए गए चक्काजाम के कारण भोपाल-जबलपुर नेशनल हाईवे पर करीब तीन घंटे तक यातायात पूरी तरह बाधित रहा। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया।
हादसे में 5 युवकों की मौत
इस दर्दनाक घटना में राजेंद्र पटेल (30), वीरेंद्र लोधी (20), राजपाल लोधी (21), जयपाल लोधी (30) और नीरज लोधी (20) की मौत हो गई। अन्य घायल युवकों का अस्पताल में इलाज जारी है। सोमवार शाम करीब 5 बजे पांचों युवकों का अंतिम संस्कार किया गया।
दोनों पहलुओं से होगी जांच
पुलिस का कहना है कि फरार हाइवा और उसके चालक की तलाश के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। साथ ही, परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों को गंभीरता से लेते हुए मामले की सड़क दुर्घटना और हत्या, दोनों पहलुओं से जांच की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।







