गाडरवारा में भाई की हत्या के आरोपी को आजीवन कारावास, प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश ने सुनाया फैसला
गाडरवारा में भाई की हत्या के मामले में प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश राजेश कुमार तिवारी ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास और 3 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।

गाडरवारा (नरसिंहपुर)। गाडरवारा में अपने ही भाई की निर्मम हत्या करने वाले आरोपी को न्यायालय ने दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश राजेश कुमार तिवारी की अदालत ने मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद आरोपी को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) के तहत दोषी मानते हुए आजीवन कारावास एवं 3,000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
शराब के नशे में भाई पर किया था जानलेवा हमला
अभियोजन के अनुसार घटना 23 दिसंबर 2025 की रात करीब 2:30 बजे की है। फरियादी गुलाब धानक, निवासी इंद्रा कॉलोनी, आजाद वार्ड गाडरवारा ने पुलिस को दी गई रिपोर्ट में बताया कि उसका बड़ा बेटा शैलेन्द्र उर्फ शैलेष उर्फ तेजराम धानक शराब के नशे में अक्सर घरवालों से विवाद करता था।
घटना की रात भी आरोपी नशे की हालत में गाली-गलौज कर रहा था। इसी दौरान उसका छोटा भाई राकेश उसे समझाने पहुंचा। इस बात पर दोनों के बीच विवाद हो गया।
फावड़े से सिर पर किए कई वार
विवाद के दौरान आरोपी ने कमरे में रखा फावड़ा उठाया और उसकी मुधाई (पिछले हिस्से) से राकेश के सिर पर चार से पांच बार वार कर दिए। गंभीर चोट लगने से राकेश मौके पर ही लहूलुहान होकर गिर पड़ा।
परिजन घायल राकेश को तत्काल गाडरवारा शासकीय अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे जिला अस्पताल नरसिंहपुर रेफर किया गया। जिला अस्पताल में चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद राकेश को मृत घोषित कर दिया।
पुलिस ने दर्ज किया हत्या का मामला
घटना के बाद पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की और साक्ष्यों के आधार पर थाना गाडरवारा में आरोपी के विरुद्ध अपराध क्रमांक 1421/25 के तहत धारा 103(1) भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) में हत्या का मामला दर्ज किया। विवेचना पूरी होने के बाद अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
न्यायालय ने सुनाई आजीवन कारावास की सजा
सुनवाई के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों और अपर लोक अभियोजक महेंद्र कुमार त्रिपाठी द्वारा रखे गए तर्कों से सहमत होते हुए प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश राजेश कुमार तिवारी ने आरोपी शैलेन्द्र उर्फ शैलेष उर्फ तेजराम धानक को अपने भाई की हत्या का दोषी पाया।
न्यायालय ने आरोपी को आजीवन कारावास तथा 3,000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। शासन की ओर से मामले की पैरवी अपर लोक अभियोजक महेंद्र कुमार त्रिपाठी ने की।







