खबर के बाद भी नहीं रुकी गांव-गांव शराब की कथित सप्लाई! दूसरे दिन भी बोलेरो में शराब ले जाने के आरोप, पुलिस और आबकारी विभाग पर उठे सवाल
शाहपुर से चोपना क्षेत्र सहित कई गांवों में कथित शराब सप्लाई के आरोप फिर सामने आए। ग्रामीणों ने पुलिस और आबकारी विभाग से निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की।

संवाददाता शैलेंद्र गुप्ता शाहपुर
शाहपुर। ग्रामीण क्षेत्रों में कथित रूप से अवैध शराब की सप्लाई को लेकर प्रकाशित खबरों के बाद भी हालात में कोई बदलाव नहीं आने के आरोप सामने आए हैं। स्थानीय लोगों का दावा है कि सोमवार को भी शाहपुर स्थित शराब दुकान से एक बोलेरो वाहन में बड़ी मात्रा में शराब भरकर चोपना क्षेत्र की ओर ले जाई गई। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है और न ही इस संबंध में पुलिस या आबकारी विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी किया गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि जब लगातार इस प्रकार की शिकायतें सामने आ रही हैं, तब संबंधित विभागों द्वारा प्रमुख मार्गों पर जांच अभियान चलाकर स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए। उनका आरोप है कि यदि कथित रूप से शराब से भरे वाहन लगातार गुजर रहे हैं, तो उनकी जांच क्यों नहीं की जा रही।
ग्रामीणों ने लगाए दिनभर सप्लाई जारी रहने के आरोप
स्थानीय लोगों का दावा है कि सोमवार को दिनभर विभिन्न गांवों की ओर शराब की आपूर्ति होती रही। उनका कहना है कि यदि प्रशासन गंभीरता से कार्रवाई करता तो प्रमुख मार्गों पर वाहनों की जांच की जाती और संदिग्ध गतिविधियों पर रोक लगाई जाती।
ग्रामीणों का मानना है कि लगातार शिकायतों और समाचार प्रकाशित होने के बावजूद यदि जांच नहीं होती है, तो लोगों के मन में प्रशासन की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है।
कई गांवों का नाम आ चुका सामने
क्षेत्र के लोगों के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से चोपना, बीजादेही, सोनादेह, ढोढरामऊ, डाबरी, बानाबेहड़ा, घपाड़ा, कछार, हांडीपानी, गुरगुंदा, निशाना, पाठई और बरजोरपुर सहित कई गांवों में शराब की उपलब्धता और कथित सप्लाई नेटवर्क को लेकर शिकायतें सामने आ रही हैं।
हालांकि, अब तक किसी बड़े संयुक्त अभियान, वाहन जब्ती या व्यापक कार्रवाई की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
लोगों के मन में उठ रहे सवाल
क्षेत्र में अब कई सवाल चर्चा का विषय बने हुए हैं—
- यदि शराब सप्लाई के आरोप निराधार हैं, तो प्रशासन जांच कर स्थिति स्पष्ट क्यों नहीं करता?
- यदि आरोप सही हैं, तो कथित सप्लाई नेटवर्क के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं हो रही?
- लगातार शिकायतों और खबरों के बावजूद जांच अभियान क्यों नहीं चलाया गया?
- क्या पुलिस और आबकारी विभाग इस मामले में संयुक्त कार्रवाई की तैयारी कर रहे हैं?
नशामुक्ति के दावों के बीच जमीनी हकीकत पर सवाल
प्रदेश सरकार नशामुक्ति और सामाजिक जागरूकता को बढ़ावा देने की बात करती है। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों में शराब की कथित आसान उपलब्धता को लेकर उठ रही शिकायतों ने प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस मामले की निष्पक्ष जांच कर प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, तो इसका सबसे अधिक असर ग्रामीण, आदिवासी और मजदूर परिवारों पर पड़ेगा।
प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग
ग्रामीणों ने पुलिस एवं आबकारी विभाग से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए। यदि शिकायतें सही पाई जाती हैं तो संबंधित लोगों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए और यदि आरोप गलत हैं तो जांच रिपोर्ट सार्वजनिक कर स्थिति स्पष्ट की जाए, ताकि क्षेत्र में फैल रही चर्चाओं पर विराम लग सके।







