मध्य प्रदेश

Gadarwara News: 45 दिन से धरने पर बैठे ग्रामीण, सड़क नहीं बनी तो बच्चे करेंगे स्कूल का बहिष्कार; माकपा ने SDM को सौंपा ज्ञापन

गाडरवारा। चीचली जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम बारहा बड़ा के वार्ड क्रमांक 4 एवं 5 में बुनियादी सुविधाओं की मांग को लेकर पिछले 45 दिनों से जारी अनिश्चितकालीन धरना अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचता दिखाई दे रहा है। सड़क, पेयजल, बिजली और आवास जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित ग्रामीणों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि बारिश शुरू होने से पहले उनकी मांगों का समाधान नहीं किया गया तो बच्चे स्कूल जाने का बहिष्कार करेंगे और आंदोलन को और उग्र रूप दिया जाएगा।

मध्य प्रदेश किसान सभा के बैनर तले चल रहे इस आंदोलन के समर्थन में भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) जिला समिति नरसिंहपुर ने शुक्रवार को अनुविभागीय दंडाधिकारी (एसडीएम) गाडरवारा को ज्ञापन सौंपकर तत्काल कार्रवाई की मांग की।

आजादी के दशकों बाद भी नहीं मिली मूलभूत सुविधाएं

ग्रामीणों का आरोप है कि आजादी के बाद से लेकर आज तक वार्ड क्रमांक 4 और 5 में सड़क, पेयजल और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं का समुचित विकास नहीं हो पाया है। कई वर्षों से शासन-प्रशासन को आवेदन और ज्ञापन दिए गए, लेकिन समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के दिनों में सड़कें दलदल में तब्दील हो जाती हैं, जिससे बच्चों का स्कूल जाना तक मुश्किल हो जाता है। मरीजों और बुजुर्गों को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

सड़क निर्माण बनी सबसे बड़ी मांग

वार्डवासियों ने प्रशासन के समक्ष पांच प्रमुख मांगें रखी हैं, जिनमें सबसे महत्वपूर्ण सड़क निर्माण है।

ग्रामीणों की मांग है कि—

  • पेट्रोल पंप बारहा बड़ा रोड से रघुवर कुशवाहा की उमर नदी तक सड़क का निर्माण किया जाए।
  • कंछेदी कुशवाहा के घर से प्रकाश होरी के मकान तक सड़क बनाई जाए।
  • अटल ज्योति योजना के अंतर्गत नया ट्रांसफार्मर स्थापित किया जाए।
  • पेयजल संकट दूर करने के लिए पाइपलाइन बिछाई जाए।
  • उमर नदी पर रिपटा (पुलिया) का निर्माण कराया जाए।
  • पात्र हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिया जाए।

बच्चों ने दी स्कूल बहिष्कार की चेतावनी

धरना स्थल पर मौजूद बच्चों ने प्रशासन को स्पष्ट संदेश दिया है कि यदि बारिश से पहले सड़क निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ तो वे स्कूल जाने का बहिष्कार करेंगे। उनका कहना है कि हर साल कीचड़ और खराब रास्तों के कारण पढ़ाई प्रभावित होती है, लेकिन अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया।

वहीं महिलाओं ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने जल्द कदम नहीं उठाए तो वे भूख हड़ताल शुरू करने को मजबूर होंगी।

माकपा ने उठाए जिले की अन्य समस्याएं भी

माकपा जिला समिति ने “खेत बचाओ, रोजगार बचाओ, देश बचाओ” अभियान के दौरान एकत्रित जनसमस्याओं को भी एसडीएम के समक्ष रखा। ज्ञापन में किसानों, मजदूरों और गरीब तबकों से जुड़े कई मुद्दों का उल्लेख किया गया।

पार्टी ने मांग की कि—

  • गाडरवारा में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई से प्रभावित गरीब रेहड़ी एवं ठेला व्यवसायियों को वैकल्पिक स्थान दिया जाए।
  • मूंग की 100 प्रतिशत खरीदी सुनिश्चित की जाए।
  • खाद वितरण में टोकन प्रणाली समाप्त कर पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराई जाए।
  • स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया पर रोक लगाई जाए।
  • जर्जर बिजली लाइनें और खंभे बदले जाएं।
  • किसानों को 12 घंटे तथा अटल ज्योति योजना के तहत 24 घंटे बिजली दी जाए।
  • बढ़े हुए विद्युत भार की जांच कर राहत प्रदान की जाए।
  • रसोई गैस, डीजल और पेट्रोल की बढ़ती कीमतों पर नियंत्रण किया जाए।
  • प्रधानमंत्री सड़क मार्गों पर रेत के ओवरलोड डंपरों पर कार्रवाई की जाए।
  • अधिग्रहित भूमि का चार गुना मुआवजा दिया जाए।
  • अवैध शराब, जुआ और सट्टे पर प्रभावी रोक लगाई जाए।
  • पंचायतों में भ्रष्टाचार की शिकायतों की जांच कर कार्रवाई की जाए।
  • समर्थन मूल्य पर खरीदी गांवों में बने खरीदी केंद्रों पर ही कराई जाए।

सैकड़ों ग्रामीण पहुंचे एसडीएम कार्यालय

ज्ञापन सौंपने के दौरान बड़ी संख्या में किसान, मजदूर, महिलाएं, युवा और स्कूली बच्चे मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि यदि उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।

अब क्षेत्रवासियों की नजर प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें आश्वासन नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर विकास कार्यों की शुरुआत चाहिए।

 

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!