12 घंटे के चक्काजाम पर पुलिस का एक्शन, कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुनीता पटेल सहित 30 नामजद पर FIR
तूमड़ा डंपर हादसे के बाद सड़क जाम करना पड़ा भारी, 40-50 अज्ञात लोगों पर भी मामला दर्ज

गाडरवारा /नरसिंहपुर। नरसिंहपुर जिले के तूमड़ा गांव में डंपर हादसे के बाद हुए 12 घंटे लंबे चक्काजाम मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुनीता पटेल समेत 30 नामजद लोगों पर एफआईआर दर्ज की है। इसके अलावा 40 से 50 अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 126(2) और 191(2) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार 23 मई को उदयपुरा मार्ग स्थित तूमड़ा गांव में एक युवक की रेत से भरे डंपर की चपेट में आने से मौत हो गई थी। हादसे के बाद आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने स्टेट हाईवे-44 पर शव रखकर चक्काजाम कर दिया था। प्रदर्शनकारी मृतक परिवार को 10 लाख रुपए मुआवजा और वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग कर रहे थे।
12 घंटे तक जाम रहा हाईवे, यात्री हुए परेशान
यह चक्काजाम 23 मई की शाम करीब 6:30 बजे शुरू हुआ और 24 मई की सुबह 6:30 बजे तक लगातार जारी रहा। लगभग 12 घंटे तक हाईवे पूरी तरह बाधित रहा, जिससे बसों, एम्बुलेंस और मालवाहक वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
मौके पर पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन लोग अपनी मांगों पर अड़े रहे। देर रात तक धरना और विरोध प्रदर्शन चलता रहा।
यात्री की शिकायत पर दर्ज हुआ मामला
पुलिस के अनुसार भोपाल के टीला जमालपुरा थाना क्षेत्र निवासी शराफत खान ने चक्काजाम से हुई परेशानी को लेकर साईंखेड़ा थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। इसी शिकायत के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सड़क पर जबरन आवागमन रोकने और कानून व्यवस्था बाधित करने के आरोप में एफआईआर दर्ज की।
इन नेताओं और ग्रामीणों के खिलाफ मामला दर्ज
एफआईआर में कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुनीता पटेल, उनके पति सुरेंद्र पटेल उर्फ मंझले भैया, जिनेश जैन, राजीव दुबे, सतीश सैनी, मनीष राय, लखन पटेल, मोना तोमर, रामबगस, मंजू, कमल, सुखराम, सरवन, अभिषेक सहित कई लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है।
इसके अलावा केदार, हल्के, रज्जू, मुन्नीबाई, राखी, बिल्लो हरिजन, कमलेश अग्रवाल, धन सिंह किरार, अशोक किरार, कृष्णा पटेल, भोला नौरिया, प्रहलाद पटेल, यशवंत बड़कुर, रोहित कुशवाहा, रघुनंदन पचौरी और आनंद राजपूत के नाम भी शामिल हैं।
डंपर हादसों को लेकर पहले से था आक्रोश
क्षेत्र में लगातार हो रहे डंपर हादसों को लेकर ग्रामीणों में पहले से नाराजगी थी। स्थानीय लोगों का आरोप है कि रेत से भरे तेज रफ्तार डंपर लगातार लोगों की जान ले रहे हैं, लेकिन प्रशासन द्वारा प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही। इसी नाराजगी के चलते हादसे के बाद लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और मामला लंबे चक्काजाम तक पहुंच गया।
प्रशासन ने हाल ही में जारी किया था प्रतिबंधात्मक आदेश
गौरतलब है कि हाल ही में जिला दंडाधिकारी द्वारा सड़क दुर्घटनाओं के बाद चक्काजाम और सड़क अवरोध जैसी गतिविधियों को गैरकानूनी बताते हुए प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए गए थे। बावजूद इसके तूमड़ा में घंटों तक हाईवे जाम रहा। अब पुलिस पूरे मामले की जांच कर आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है।







