जनसुनवाई में दिखी प्रशासनिक सख्ती, कलेक्टर की मौजूदगी से बढ़ी जवाबदेही और मौके पर समाधान
नर्मदापुरम जनसुनवाई में कलेक्टर सोमेश मिश्रा की मौजूदगी से बढ़ी जवाबदेही। 121 आवेदनों का त्वरित निराकरण, अब ग्राम पंचायत स्तर तक पहुंचेगी प्रक्रिया।

संवाददाता राकेश पटेल इक्का
नर्मदापुरम। नर्मदापुरम में आयोजित जनसुनवाई इस बार सिर्फ शिकायतों का मंच नहीं रही, बल्कि प्रशासनिक सक्रियता और जवाबदेही का मजबूत उदाहरण बनकर सामने आई।
कलेक्टर सोमेश मिश्रा की मौजूदगी ने पूरी प्रक्रिया को नई गति और गंभीरता दी, जिससे आवेदकों को सीधे संवाद और त्वरित समाधान का अनुभव मिला।
आमने-सामने सुनवाई, मौके पर समाधान
जनसुनवाई के दौरान कलेक्टर ने आवेदकों को अपने सामने बैठाकर उनकी समस्याएं सुनीं और कई मामलों में मौके पर ही समाधान की दिशा तय की।
यह बदलाव इस बात का संकेत है कि प्रशासन अब केवल फाइलों तक सीमित नहीं, बल्कि जमीन पर लोगों की समस्याओं को प्राथमिकता दे रहा है।
121 आवेदनों का त्वरित निराकरण
इस जनसुनवाई में कुल 121 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से अधिकांश का त्वरित निराकरण किया गया।
यह आंकड़ा प्रशासन की सक्रियता और कार्यप्रणाली में आए बदलाव को दर्शाता है।
संवेदनशील पहल ने जोड़ा मानवीय स्पर्श
तेज गर्मी के बीच आवेदकों के लिए शरबत की व्यवस्था की गई, जो एक छोटी लेकिन महत्वपूर्ण पहल रही।
इससे यह साफ हुआ कि प्रशासन अब केवल प्रक्रिया नहीं, बल्कि नागरिकों की सुविधा और परिस्थितियों का भी ध्यान रख रहा है।

समय-सीमा तय, लंबित मामलों पर फोकस
सीमांकन, अभिलेख सुधार और अन्य राजस्व मामलों में स्पष्ट समय-सीमा तय की गई है, जिससे लंबित प्रकरणों के जल्द निपटारे की दिशा में कदम बढ़ाया गया है।
अब ग्राम पंचायत स्तर तक पहुंचेगी जनसुनवाई
सबसे महत्वपूर्ण निर्णय यह रहा कि जनसुनवाई को अब ग्राम पंचायत स्तर तक ले जाया जाएगा।
इससे ग्रामीणों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा और प्रशासन सीधे उनके बीच पहुंचकर समाधान करेगा।







