गाडरवारा रेल यात्रियों की अनदेखी कब तक? दोपहर में 6 घंटे तक जबलपुर के लिए नहीं मिलती कोई ट्रेन, जनता परेशान
छात्र, मरीज और व्यापारी रोज भुगत रहे परेशानी, करोड़ों का राजस्व देने वाले स्टेशन पर बुनियादी सुविधा का अभाव

गाडरवारा-जबलपुर रेल मार्ग पर यात्रियों की पीड़ा, आखिर कब टूटेगी रेलवे और जनप्रतिनिधियों की चुप्पी?
गाडरवारा। विकास के बड़े-बड़े दावों और रेलवे सुविधाओं के विस्तार की घोषणाओं के बीच गाडरवारा के हजारों रेल यात्री आज भी बुनियादी सुविधा के लिए संघर्ष कर रहे हैं। हालात यह हैं कि गाडरवारा रेलवे स्टेशन से प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से शाम 6 बजे तक जबलपुर जाने के लिए कोई सीधी ट्रेन उपलब्ध नहीं रहती। यह छह घंटे का लंबा अंतराल यात्रियों के लिए किसी सजा से कम नहीं है।
सबसे अधिक परेशानी उन छात्रों को होती है जो प्रतियोगी परीक्षाओं, कॉलेजों और कोचिंग संस्थानों के लिए रोज जबलपुर आते-जाते हैं। गंभीर मरीजों और उनके परिजनों को भी मजबूरी में महंगे निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ता है। व्यापारी वर्ग को भी समय और धन दोनों का नुकसान उठाना पड़ रहा है।
राजस्व गाडरवारा से, सुविधाएं कहीं और
क्षेत्रवासियों का सवाल है कि गाडरवारा रेलवे स्टेशन से रेलवे को हर वर्ष लाखों यात्रियों के माध्यम से अच्छा-खासा राजस्व प्राप्त होता है, फिर भी स्टेशन को उसकी आवश्यकता के अनुरूप सुविधाएं क्यों नहीं मिल रही हैं? आखिर गाडरवारा के यात्रियों को बार-बार उपेक्षा का शिकार क्यों बनाया जा रहा है?
सुपरफास्ट ट्रेनें दौड़ती हैं, लेकिन रुकती नहीं
यात्रियों की लंबे समय से मांग है कि महानगरी सुपरफास्ट एक्सप्रेस और संघमित्रा सुपरफास्ट एक्सप्रेस का गाडरवारा स्टेशन पर ठहराव दिया जाए। इन ट्रेनों के स्टॉपेज से हजारों यात्रियों को राहत मिल सकती है, लेकिन वर्षों से यह मांग फाइलों और आश्वासनों तक ही सीमित है।
नई MEMU या इंटरसिटी ट्रेन की सख्त जरूरत
दोपहर के छह घंटे के रेल शून्य को समाप्त करने के लिए गाडरवारा-जबलपुर मार्ग पर नई MEMU अथवा इंटरसिटी ट्रेन शुरू करना समय की मांग बन चुका है। यदि रेलवे वास्तव में यात्रियों की सुविधा को प्राथमिकता देता है तो इस दिशा में तत्काल कदम उठाने चाहिए।
जनप्रतिनिधियों की चुप्पी पर उठ रहे सवाल
क्षेत्र के लोगों का कहना है कि चुनाव के समय विकास और सुविधाओं के बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन जब आम जनता की वास्तविक समस्याओं को हल करने की बात आती है तो जिम्मेदार लोग मौन हो जाते हैं। आखिर गाडरवारा के लाखों नागरिकों की इस समस्या को लेकर रेल मंत्रालय के सामने मजबूत पैरवी क्यों नहीं की जा रही?
अब जनता जवाब चाहती है
क्षेत्रवासियों ने मांग की है कि:
- महानगरी सुपरफास्ट एक्सप्रेस का तत्काल स्टॉपेज गाडरवारा में दिया जाए।
- संघमित्रा सुपरफास्ट एक्सप्रेस का ठहराव शुरू किया जाए।
- गाडरवारा-जबलपुर के बीच नई MEMU या इंटरसिटी ट्रेन चलाई जाए।
- इस रूट पर ट्रेनों की संख्या बढ़ाई जाए।
- स्थानीय सांसद और जनप्रतिनिधि रेल मंत्रालय से समन्वय कर स्थायी समाधान सुनिश्चित करें।
यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो यात्रियों में आक्रोश और बढ़ सकता है। गाडरवारा की जनता अब आश्वासन नहीं, बल्कि ट्रैक पर दौड़ती हुई सुविधाएं चाहती है।







