इटारसी में व्यापारी ने लगाए गंभीर आरोप: चौथी बार झूठी FIR, 10 दिन जेल भेजने का आरोप
इटारसी के व्यापारी सन्नी लालवानी ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए चौथी बार झूठी FIR दर्ज करने और धारा 151 का दुरुपयोग कर जेल भेजने की शिकायत की है।

इटारसी (नर्मदापुरम)। शहर के एल.के.जी. कॉलोनी निवासी व्यापारी सन्नी लालवानी ने पुलिस प्रशासन और कुछ स्थानीय लोगों पर गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस महानिदेशक को शिकायत पत्र सौंपा है। उन्होंने आरोप लगाया है कि उनके खिलाफ लगातार चौथी बार झूठी एफआईआर दर्ज कर उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है।
सन्नी लालवानी का कहना है कि यदि इसी तरह झूठे प्रकरण दर्ज होते रहे, तो उनका आपराधिक रिकॉर्ड बन जाएगा और उनके व्यवसाय व सामाजिक जीवन पर नकारात्मक असर पड़ेगा।
लगातार चार बार झूठे प्रकरण दर्ज होने का आरोप
आवेदन में उन्होंने बताया कि—
- 16 नवंबर को झूठी एफआईआर दर्ज कराई गई, जबकि उनके पास वीडियो साक्ष्य मौजूद हैं।
- 13 जनवरी को उन्हें झूठे हत्या प्रयास के मामले में फंसाया गया, जिसमें अग्रिम जमानत लेकर 12 फरवरी को लौटे।
- इसके बाद उनकी कार में अवैध शराब रखकर फंसाने की कोशिश की गई।
- 22 मार्च को स्टेट बैंक के सामने उन पर हमला किया गया।

सीसीटीवी फुटेज की जांच की मांग
पीड़ित का दावा है कि 22 मार्च की घटना के दौरान वे शाम 7:45 बजे पुलिस थाने पहुंचे थे, जिसका सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध है। इसके बावजूद उन्हें पूरी रात थाने में बैठाकर रखा गया और बाद में झूठा मामला दर्ज कर दिया गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि धारा 151 का गलत तरीके से इस्तेमाल करते हुए उन्हें रात 1:45 बजे गिरफ्तार दिखाया गया, जबकि वे पहले से थाने में मौजूद थे।
रिश्वत लेकर कार्रवाई का आरोप
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि संबंधित पुलिस अधिकारियों ने कथित रूप से रिश्वत लेकर उनके खिलाफ झूठा प्रकरण दर्ज किया।
एक साल से ज्यादा समय से प्रताड़ना का आरोप
सन्नी लालवानी ने बताया कि पिछले 1 वर्ष 3 माह से उन्हें लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है और इस संबंध में वे विभिन्न विभागों में 40 से अधिक शिकायतें दे चुके हैं, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
उच्चस्तरीय जांच की मांग
उन्होंने पुलिस महानिदेशक से मांग की है कि—
- पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए
- दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो
- उन्हें सुरक्षा प्रदान की जाए







