सालीचौका रेलवे फाटक बना जनता की मुसीबत, ओवरब्रिज स्वीकृत होने के बाद भी काम ठप—जाम में घंटों फंसी एंबुलेंस
सालीचौका रेलवे फाटक पर मालगाड़ी के रुकने से डेढ़ किमी जाम, एंबुलेंस भी फँसी। ओवरब्रिज की मंजूरी के बाद भी काम शुरू नहीं—लोगों में आक्रोश।

संवाददाता अवधेश चौकसे सालीचौका
सालीचौका (नरसिंहपुर)। सालीचौका नगर का रेलवे फाटक लोगों की रोज़मर्रा की जिंदगी के लिए बड़ा संकट बन गया है। सोमवार सुबह एक मालगाड़ी की आखिरी गार्ड बोगी लगभग एक घंटे तक रेलवे गेट पर अटकी रही, जिससे दोनों ओर करीब डेढ़ किलोमीटर लंबा जाम लग गया। जाम में एंबुलेंस तक फँसी रही, स्थिति इतनी खराब थी कि मरीजों को समय पर इलाज तक नहीं मिल सका।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि रेलवे फाटक पर यह स्थिति रोज की कहानी बन चुकी है। स्कूल के बच्चे लेट हो जाते हैं, मरीज रास्ते में फँस जाते हैं और ऑफिस जाने वालों की दिनचर्या पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो जाती है। इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारी और विभाग पूर्णतः बेपरवाह दिखाई दे रहे हैं।

ओवरब्रिज की मंजूरी कागज़ों से बाहर नहीं निकली
जानकारी के अनुसार सालीचौका फाटक पर ओवरब्रिज की स्वीकृति काफी पहले मिल चुकी है, फाइलें विभागों के बीच आगे भी बढ़ चुकी हैं, लेकिन जमीन पर काम अभी तक शुरू ही नहीं हुआ। न मशीनें आईं, न निर्माण का कोई प्रारंभिक संकेत—मानो विभाग गहरी नींद में हो।
देरी की वजह पर उठ रहे सवाल
स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि ओवरब्रिज स्वीकृत है तो निर्माण कार्य शुरू क्यों नहीं हो रहा? लोग पूछ रहे हैं—
- देरी की जिम्मेदारी किसकी है?
- विभागीय लापरवाही, ठेकेदार की देरी या राजनीतिक खींचतान—आखिर कारण कौन?
- सार्वजनिक समस्या इतनी बड़ी होने के बावजूद कार्रवाई क्यों नहीं?
लेकिन इन सवालों का किसी विभाग के पास कोई स्पष्ट जवाब नहीं।
लोगों की मांग: तुरंत शुरू हो निर्माण कार्य
लगातार बढ़ती परेशानियों को देखते हुए नागरिकों ने मांग की है कि ओवरब्रिज के काम की शुरुआत तुरंत की जाए। फाटक पर बढ़ती भीड़ और जाम की स्थिति अब सार्वजनिक सुरक्षा के लिए खतरा बन चुकी है।







