पिपरिया में नशे का कहर: जिम्मेदारों की चुप्पी पर बलराम ठाकुर ने दी चेतावनी, जनता ने खोला मोर्चा
पिपरिया में बढ़ते नशे के कारोबार से युवा पीढ़ी बर्बादी की राह पर। कोकीन, गांजा और पाउडर का खुलेआम व्यापार। भाजपा नगर अध्यक्ष बलराम ठाकुर ने पुलिस और प्रशासन को चेताया — कार्रवाई नहीं हुई तो होगा जन आंदोलन।

संवाददाता राकेश पटेल इक्का
“उड़ता पिपरिया” का सच — शहर में नशे का खुला कारोबार
पिपरिया अब “उड़ता पिपरिया” के नाम से चर्चाओं में है। शहर के कई क्षेत्रों में कोकीन, गांजा और पाउडर जैसे मादक पदार्थों की खुलेआम बिक्री हो रही है। यह नशे की लत न केवल युवाओं को बर्बाद कर रही है, बल्कि शहर में चोरी और छोटे अपराधों में तेजी ला रही है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि पुलिस और प्रशासन की निष्क्रियता के चलते यह अवैध व्यापार लगातार बढ़ रहा है। शिकायतों के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नजर नहीं आती।
बलराम ठाकुर की सख्त चेतावनी

भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष बलराम ठाकुर ने सोशल मीडिया के माध्यम से एक सशक्त संदेश जारी किया है।
उन्होंने कहा —
“यदि शहर में मादक पदार्थों की बिक्री पर तुरंत रोक नहीं लगी, तो जनता सड़कों पर उतरने को मजबूर होगी।”
उनकी पोस्ट ने पूरे शहर में हलचल मचा दी, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों की चुप्पी अब भी सवालों के घेरे में है।
नशे के शिकार युवा और बढ़ते अपराध
पिपरिया में कई युवा नशे की गिरफ्त में हैं। अब वे नशे की पूर्ति के लिए गली-मोहल्लों में चोरी तक करने लगे हैं।
मोबाइल, किराना सामान, बर्तन और अनाज तक की चोरी के मामले सामने आ रहे हैं।
स्थानीय लोग कहते हैं कि “शिकायत करो, लेकिन कार्रवाई की उम्मीद मत रखो।”
पुलिस की असमर्थता — ‘नशेड़ियों से डरने लगी पुलिस’
थाने के सूत्रों ने बताया कि कई बार जब नशेड़ी पकड़े जाते हैं, तो वे लॉकअप में सिर पटकने लगते हैं या पुलिसकर्मियों से नशे की पुड़िया मांगने लगते हैं।
इस वजह से कई अधिकारी उन्हें गिरफ्तार करने से भी कतराते हैं। यह स्थिति कानून व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा बन चुकी है।
छात्र संगठन की आवाज़ – “अब बहुत हुआ”
नगर के प्रतिष्ठित स्टूडेंट ऑर्गेनाइजेशन ने भी नशे के खिलाफ मोर्चा खोला है।
अध्यक्ष प्रिंस शमां और सचिव वैभव शमां ने पुलिस प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर कहा कि —
“बिना पर्चे के दवाओं की बिक्री भी नशे की लत को बढ़ावा दे रही है, जिसे तुरंत रोका जाए।”
जनता और संगठन एकजुट – “अब होगा आंदोलन”
बलराम ठाकुर और स्थानीय संगठनों ने मिलकर साफ कहा है कि अगर प्रशासन ने कार्रवाई नहीं की, तो जन आंदोलन शुरू किया जाएगा।
शहरवासी भी अब खुलकर नशे के खिलाफ अभियान में आगे आ रहे हैं।
क्या “उड़ता पिपरिया” को रोक पाएंगे जिम्मेदार अधिकारी?
पिपरिया आज एक खतरनाक मोड़ पर खड़ा है।
अगर पुलिस और प्रशासन ने अब भी ठोस कदम नहीं उठाए, तो “उड़ता पिपरिया” का यह सच सिर्फ सोशल मीडिया की खबर नहीं रहेगा, बल्कि शहर के भविष्य का अंधकार बन जाएगा।







