रणवीर पटेल गलचा — नाम ऐसा, जो नर्मदा किनारे के हर किसान की जुबान पर है

संवाददाता राकेश पटेल इक्का
अरे भैया, जब बात रणवीर सिंह पटेल गलचा की होती है ना, तो गाँव-गाँव में लोग ऐसे बोल उठते हैं —
“अरे हाँ, वही रणवीर भैया, जो सबके सुख-दुख में साथ खड़े रहते हैं!”
पाटन विधानसभा का जिम्मा मिला है अब इन्हें — और ये जिम्मेदारी कोई मामूली नहीं है।
कांग्रेस के सच्चे सिपाही, जनता के दिल के करीब — रणवीर पटेल गलचा वो नाम हैं जो राजनीति में “कुर्सी” से नहीं, “कर्म” से पहचान रखते हैं।
वो समय हो जब हालात मुश्किल हों, या किसान की फसल पर संकट — रणवीर भैया हमेशा आगे!
कंधे से कंधा मिलाकर लड़ने वाले, और मुस्कुराकर सबकी बात सुनने वाले नेता हैं।
कहते हैं — “राजनीति सेवा का जरिया है, सियासत का नहीं।”
नर्मदापुरम की धरती इन्हें जानती है, माखन नगर की गलियों में लोग सम्मान से सिर झुकाते हैं।
किसानों के हक की बात हो, नौजवानों के रोज़गार की चिंता — रणवीर पटेल हमेशा साथ दिखाई देते हैं।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने पाटन जैसे अहम क्षेत्र की जिम्मेदारी सौंपी है, तो जनता भी कह रही है —
“अब वहाँ भी वही दम दिखेगा जो रणवीर भैया नर्मदा पुरम में दिखाते हैं!”
गाँव के एक बुजुर्ग बोले —
“अरे भैया, रणवीर पटेल तो ऐसे नेता हैं, जो नेताओं की तरह नहीं, अपने जैसे लगते हैं — गाँव के बेटे!”
कांग्रेस कार्यकर्ताओं में उत्साह है, लोग मिठाई बाँट रहे हैं, नुक्कड़ पर चर्चा गर्म है
“अबकी बार रणवीर भैया का रंग चढ़ेगा पाटन पर!”







