शरद पूर्णिमा पर श्री सार्वजनिक पुस्तकालय में सजी काव्य गोष्ठी, कवियों ने बांधा समां
प्रकृति, समसामयिक विषयों, हास्य और व्यंग्य की रचनाओं से साहित्यप्रेमी हुए भावविभोर, युवा कवि की पुस्तक ‘जिंदगी तेरे लिए’ की लगी प्रदर्शनी

गाडरवारा। शरद पूर्णिमा की पावन रात्रि में स्थानीय श्री सार्वजनिक पुस्तकालय, तिलक भवन में काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। साहित्यिक और सांस्कृतिक वातावरण में आयोजित इस गोष्ठी में नगर सहित आसपास के क्षेत्रों से आए कवियों एवं साहित्यकारों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। शरद पूर्णिमा की महिमा, प्रकृति की अनुपम सुंदरता और समसामयिक विषयों पर आधारित कविताओं के साथ हास्य एवं व्यंग्य की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कुशलेन्द्र श्रीवास्तव, विशिष्ट अतिथि सुरेश दुबे तथा प्रमुख अतिथि महेश नेमा रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता पुस्तकालय समिति के अध्यक्ष अनिल गुप्ता ने की। गोष्ठी का शुभारंभ श्रीमती उमा रावत द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना से हुआ। इसके पश्चात बाल कवयित्री कु. अदिति शर्मा ने अपनी कविता प्रस्तुत कर काव्य गोष्ठी की शुरुआत को साहित्यिक रंग प्रदान किया।
कवियों की रचनाओं ने बांधा समां
काव्य गोष्ठी में सुरेश दुबे, राजेंद्र राय और मंच संचालक अखिलेश साहू ने शरद पूर्णिमा पर केंद्रित काव्य पाठ किया। वहीं प्रोफेसर डॉ. सुनील शर्मा, महेश नेमा, रामगोपाल श्रीवास ‘प्रयास’, हरिशंकर कुशवाहा, विजय बेशर्म, सचिन नेमा तथा रामगोपाल श्रीवास ‘मधुकर’ ने समसामयिक विषयों पर आधारित अपनी रचनाओं से श्रोताओं को विचार करने के लिए प्रेरित किया।
कान्हरगांव से आए कवि रमेश कौरव एवं शिवम कौरव तथा कोड़िया से पधारे श्री वृंदावन वैरागी ‘कृष्ण’ ने भी अपनी काव्य प्रस्तुतियों से कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई। श्रीमती उमा रावत ने अपनी रचना के माध्यम से नरसिंहपुर जिले की प्राकृतिक सुंदरता का मनोहारी चित्रण किया। वहीं मुख्य अतिथि कुशलेन्द्र श्रीवास्तव ने अपनी चिर-परिचित व्यंग्य शैली में प्रस्तुति देकर श्रोताओं को खूब गुदगुदाया और अपनी रचनाओं के माध्यम से सामाजिक विषयों पर विचार व्यक्त किए।
साहित्यिक गतिविधियां समाज में जगाती हैं सकारात्मक चेतना
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे पुस्तकालय समिति के अध्यक्ष अनिल गुप्ता ने सभी कवियों एवं साहित्यकारों की प्रस्तुतियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि साहित्यिक और सांस्कृतिक गतिविधियां समाज में सकारात्मक चेतना विकसित करने के साथ ही लोगों को विचारों और भावनाओं से जोड़ने का कार्य करती हैं। ऐसे आयोजन साहित्य के प्रति रुचि बढ़ाने और स्थानीय प्रतिभाओं को मंच प्रदान करने के लिए निरंतर होते रहने चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान कमल साहू द्वारा उपस्थित सदस्यों को अमृत दुग्ध वितरित किया गया। वहीं युवा कवि सुनील कौरव ‘प्रवाह’ की पुस्तक ‘जिंदगी तेरे लिए’ की प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसने साहित्यप्रेमियों का ध्यान आकर्षित किया।
काव्य, हास्य, व्यंग्य और साहित्यिक संवाद से सजी यह गोष्ठी शरद पूर्णिमा की चांदनी रात में साहित्यप्रेमियों के लिए यादगार अवसर बन गई। कवियों की विविध प्रस्तुतियों ने साहित्यिक वातावरण को जीवंत बनाया और आयोजन ने नगर की साहित्यिक-सांस्कृतिक परंपरा को नई ऊर्जा प्रदान की।







