पद्मश्री विजयदत्त श्रीधर का बोहानी में नागरिक अभिनंदन, ग्रामीणों ने बताया क्षेत्र का गौरव
78वें जन्मोत्सव पर गायत्री मंदिर परिसर में हुआ सम्मान समारोह, पानी बचाओ अभियान का भी शुभारंभ

गाडरवारा। समीपस्थ ग्राम बोहानी में देश के ख्यातिलब्ध पत्रकार एवं पद्मश्री सम्मान से अलंकृत विजयदत्त श्रीधर के 78वें जन्मोत्सव के अवसर पर ग्राम पंचायत बोहानी एवं ग्रामवासियों द्वारा उनका नागरिक अभिनंदन किया गया। गायत्री मंदिर परिसर में आयोजित इस गरिमामय समारोह में राज्य महिला आयोग की सदस्य एवं पूर्व विधायक श्रीमती साधना स्थापक मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता ग्राम पंचायत की सरपंच श्रीमती शर्मा ने की। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ।
बोहानी को राष्ट्रीय पहचान दिलाने में श्रीधर का अहम योगदान
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि श्रीमती साधना स्थापक ने कहा कि विजयदत्त श्रीधर ने अपने कार्यों से छोटे से गांव बोहानी का नाम राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाया है। उन्होंने पत्रकारिता के साथ-साथ लेखन के क्षेत्र में भी अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित की है। उनके द्वारा स्थापित सप्रे संग्रहालय ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ख्याति अर्जित की है। श्रीधर जी की उपलब्धियां पूरे क्षेत्र के लिए गौरव का विषय हैं।
वरिष्ठ पत्रकार एवं साहित्यकार कुशलेन्द्र श्रीवास्तव ने अपने उद्बोधन में कहा कि जिस दौर में पत्रकारिता बेहद कठिन और चुनौतीपूर्ण हुआ करती थी, उस समय विजयदत्त श्रीधर ने अपनी सक्रियता, लेखन शैली और प्रतिबद्धता से पत्रकारिता के क्षेत्र में विशिष्ट स्थान बनाया। उन्होंने आंचलिक पत्रकार संघ का गठन कर प्रदेश के पत्रकारों को संरक्षण और सहयोग देने का कार्य किया। आज बोहानी ही नहीं, बल्कि पूरे नरसिंहपुर जिले की पहचान विजयदत्त श्रीधर के नाम से जुड़ी हुई है।
बोहानी की माटी और पुरखों के योगदान को किया याद
अपने सम्मान के प्रति आभार व्यक्त करते हुए पद्मश्री विजयदत्त श्रीधर ने कहा कि बोहानी की माटी ऊर्जावान है और यहां की जीवंतता ही इसकी सबसे बड़ी विशेषता है। उन्होंने अपने पिता स्वर्गीय सुंदरलाल श्रीधर को याद करते हुए बताया कि वे स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाते थे। इसके साथ ही गांव में जनजागरण के लिए भी लगातार प्रयास करते थे। यही कारण था कि ग्रामीणों के बीच उनके प्रति गहरा स्नेह और सम्मान था।
श्रीधर जी ने दानवीर राघव जी के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके द्वारा दिए गए दान ने क्षेत्र में शिक्षा के विकास को नई दिशा दी और शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त किया।
उन्होंने भावुकता के साथ कहा कि भले ही वे वर्तमान में भोपाल में रहते हों, लेकिन अपना परिचय आज भी बोहानी के निवासी के रूप में ही देते हैं। अपने गांव से उनका जुड़ाव और यहां की मिट्टी के प्रति आत्मीयता हमेशा बनी रहेगी।
अभिनंदन पत्र, शाल-श्रीफल और स्मृति चिह्न भेंट कर किया सम्मान
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं सरपंच श्रीमती शर्मा ने कहा कि यह पूरे गांव के लिए गर्व और प्रसन्नता का अवसर है कि ग्रामीण अपने क्षेत्र के गौरव विजयदत्त श्रीधर का नागरिक अभिनंदन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि श्रीधर जी की उपलब्धियां नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत हैं।
इस अवसर पर समस्त ग्रामवासियों की ओर से विजयदत्त श्रीधर को अभिनंदन पत्र, शाल-श्रीफल एवं स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। समारोह में उपस्थित लोगों ने उनके दीर्घायु एवं स्वस्थ जीवन की कामना की।
पानी बचाओ अभियान का शुभारंभ
नागरिक अभिनंदन समारोह के अवसर पर गांव में पानी बचाओ अभियान के अंतर्गत एक नए कार्यक्रम का भी शुभारंभ किया गया। इस पहल के माध्यम से जल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने और पानी के महत्व को जन-जन तक पहुंचाने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम में नगेन्द्र त्रिपाठी, सतीश नाईक, सत्येन्द्र पांडे सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित रहे। इसके अलावा जिले के विभिन्न अंचलों से आए अतिथियों ने भी समारोह में सहभागिता कर पद्मश्री विजयदत्त श्रीधर के प्रति सम्मान व्यक्त किया।
समारोह ने बोहानी की सांस्कृतिक विरासत, सामाजिक एकजुटता और अपने क्षेत्र की प्रतिभाओं के प्रति ग्रामीणों के सम्मान को एक बार फिर उजागर किया।







