मध्य प्रदेश

गेहूं खरीदी केंद्रों की अव्यवस्था पर किसान सभा का अल्टीमेटम: क्षमता नहीं बढ़ाई तो जनप्रतिनिधियों का होगा घेराव

नरसिंहपुर के सालीचौका में गेहूं खरीदी केंद्रों की अव्यवस्था पर किसान सभा का विरोध, क्षमता बढ़ाने और सर्वर समस्या दूर करने की मांग, नहीं तो जनप्रतिनिधियों के घेराव की चेतावनी।

संवाददाता अवधेश चौकसे

सालीचौका (नरसिंहपुर)। समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी के दौरान किसानों को हो रही भारी परेशानियों को लेकर मध्य प्रदेश किसान सभा ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। किसान सभा ने साफ चेतावनी दी है कि यदि खरीदी केंद्रों की क्षमता नहीं बढ़ाई गई और व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं की गईं, तो जनप्रतिनिधियों का घेराव और बहिष्कार किया जाएगा।

खरीदी केंद्रों का निरीक्षण, सामने आईं खामियां

मध्य प्रदेश किसान सभा के प्रदेश सहायक महासचिव जगदीश पटेल ने जानकारी देते हुए बताया कि 29 अप्रैल को सालीचौका क्षेत्र के विनायक वेयरहाउस और रेवा श्री वेयरहाउस स्थित समर्थन मूल्य खरीदी केंद्रों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान जिला सचिव देवेंद्र वर्मा, सहसचिव नरेंद्र वर्मा एवं करण सिंह अहिरवार भी उपस्थित रहे।

निरीक्षण में पाया गया कि दोनों केंद्रों पर पर्याप्त कांटे (तौल मशीन) और हम्माल (लेबर) की व्यवस्था नहीं है, जिसके चलते किसानों का गेहूं समय पर नहीं तुल पा रहा है।

5-6 दिन तक सड़क पर इंतजार को मजबूर किसान

किसानों को अपनी उपज तौलवाने के लिए 5 से 6 दिन तक सड़कों पर लाइन में खड़ा रहना पड़ रहा है। भीषण गर्मी में 40 से 45 डिग्री तापमान के बीच यह स्थिति किसानों के लिए बेहद कष्टदायक बनी हुई है। इसके साथ ही अचानक मौसम खराब होने (ओले-पानी) का खतरा भी बना रहता है, जिससे किसानों की फसल खराब होने की आशंका रहती है।

मूलभूत सुविधाओं का भी अभाव

खरीदी केंद्रों पर पीने के पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं हैं। हम्माल खुले आसमान के नीचे तपती धूप में काम करने को मजबूर हैं, जिससे उनकी हालत भी दयनीय बनी हुई है।

सर्वर समस्या से और बढ़ी परेशानी

किसान सभा ने बताया कि सर्वर (लिंक) की समस्या के कारण किसानों को स्लॉट बुकिंग में दिक्कत आ रही है। साथ ही तुले हुए गेहूं के बिल भी समय पर नहीं बन पा रहे हैं, जिससे खरीदी प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।

किसान सभा की प्रमुख मांगें:

  • सर्वर लिंक 24 घंटे चालू रखा जाए
  • खरीदी केंद्रों की दैनिक क्षमता के अनुसार तुलाई सुनिश्चित हो
  • पर्याप्त कांटे और लेबर की व्यवस्था की जाए
  • किसानों को खाद पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराई जाए और टोकन प्रणाली समाप्त की जाए

आंदोलन की चेतावनी

किसान सभा ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही व्यवस्थाओं में सुधार नहीं किया गया, तो किसानों को मजबूर होकर शासन के जनप्रतिनिधियों का घेराव और बहिष्कार करना पड़ेगा। उन्होंने प्रशासन से अपील की है कि किसानों को बेवजह परेशान करना बंद किया जाए और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाए।

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