अक्षय तृतीया पर श्री चैत्यालय जी में हुआ भव्य आयोजन
गाडरवारा में अक्षय तृतीया पर श्री तारण तरण जैन चैत्यालय में भव्य आयोजन हुआ। भगवान ऋषभदेव की स्मृति में गन्ने के रस का वितरण और दान कार्यक्रम आयोजित किए गए।

गाडरवारा। पवित्र पर्व के अवसर पर नगर के श्री तारण तरण जैन चैत्यालय जी में श्रद्धा और उत्साह के साथ विशेष आयोजन किया गया। इस दिन को दान दिवस के रूप में मनाते हुए श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना और सेवा कार्यों में बढ़-चढ़कर भाग लिया।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, प्रथम जैन तीर्थंकर को एक वर्ष तक आहार की विधि प्राप्त नहीं हुई थी, जिसके चलते उन्होंने उपवास किया। एक वर्ष पश्चात राजा श्रेयांस और उनके भाई द्वारा भगवान को इक्षु रस (गन्ने का रस) का आहार कराकर उनका उपवास खुलवाया गया था। इसी ऐतिहासिक घटना की स्मृति में अक्षय तृतीया का विशेष महत्व माना जाता है।
इस अवसर पर बाल ब्रह्मचारी भैया अपूर्वनन्द के सानिध्य में श्री चैत्यालय जी में मंदिर विधि, चंदन आरती एवं प्रभावना का आयोजन किया गया। अपने प्रवचन में उन्होंने अक्षय तृतीया का महत्व बताते हुए दान के चार प्रकारों की व्याख्या की और उपस्थित श्रद्धालुओं को नियमित रूप से आहार दान करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के दौरान तारण समाज एवं वीर श्री महिला मंडल द्वारा चैत्यालय परिसर में श्रद्धालुओं के बीच इक्षु रस (गन्ने का रस) का वितरण किया गया। साथ ही, सभी श्रद्धालुओं ने मंदिर एवं तारण भवन के लिए दान राशि समर्पित की।
अक्षय तृतीया के इस पावन अवसर पर नगर के विभिन्न जैन मंदिरों में भी विशेष पूजन, अभिषेक और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर पुण्य लाभ अर्जित किया।







