शक्ति चौक पर भव्य रक्तदान शिविर का आयोजन, 35 युवाओं ने किया रक्तदान
मोहर्रम की पहली तारीख पर हसनी हुसैनी सोसायटी ने दिया मानवता, सेवा और भाईचारे का संदेश

गाडरवारा। मोहर्रम माह की पहली तारीख को मानवता, सेवा और सामाजिक सरोकारों का अनूठा उदाहरण प्रस्तुत करते हुए हसनी हुसैनी सोसायटी गाडरवारा द्वारा शक्ति चौक पर भव्य रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। समाजसेवा की भावना से आयोजित इस शिविर में युवाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और 35 लोगों ने स्वेच्छा से रक्तदान कर जरूरतमंद मरीजों के लिए जीवनदायिनी पहल की।
शिविर का आयोजन सुबह 10 बजे से प्रारंभ हुआ, जो दोपहर 3 बजे तक निरंतर चलता रहा। इस दौरान बड़ी संख्या में युवाओं और समाजसेवियों ने उपस्थित होकर रक्तदाताओं का उत्साहवर्धन किया। रक्तदान के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित इस शिविर को नागरिकों का भरपूर सहयोग मिला।
नरसिंहपुर ब्लड बैंक की टीम ने दी सेवाएं
रक्तदान शिविर में नरसिंहपुर ब्लड बैंक की टीम ने विशेष एसी वाहन के माध्यम से रक्त संग्रह किया। शिविर को सफल बनाने में डॉ. हिमा शशिधरन, वरिष्ठ टेक्नीशियन एम.एल. चौधरी, शाहरुख खान, अभिषेक कहार सहित गाडरवारा चिकित्सालय की ब्लड स्टोरेज यूनिट से निखिल साहू एवं अजय घारू ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। चिकित्सा टीम द्वारा रक्तदाताओं की स्वास्थ्य जांच के बाद सुरक्षित तरीके से रक्त संग्रह किया गया।

रक्तदान महादान, किसी को नया जीवन देने का अवसर
शिविर में पहुंचे रोटरी क्लब के मिनेन्द्र डागा, समाजसेवी मुकेश बसेड़िया एवं अब्दुल फिरोज खान ने युवाओं के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि रक्तदान सबसे बड़ा दान माना जाता है। एक यूनिट रक्त कई लोगों के जीवन को बचाने में सहायक हो सकता है। उन्होंने कहा कि युवाओं को नियमित रूप से रक्तदान के लिए आगे आना चाहिए, ताकि जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध हो सके।
करबला की कुर्बानी से प्रेरित है सेवा का संदेश
इस अवसर पर हाफिज एवं कारी जुवेर आलम ने स्वयं रक्तदान करते हुए कहा कि मोहर्रम का महीना त्याग, बलिदान और इंसानियत का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि करबला के शहीदों ने सत्य और न्याय की रक्षा के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी थी। उनकी याद में यदि हम किसी जरूरतमंद की सहायता कर सकें और रक्तदान के माध्यम से किसी की जान बचा सकें, तो यह सबसे बड़ी इबादत होगी।

उन्होंने कहा कि मोहर्रम केवल शोक का अवसर नहीं है, बल्कि यह समाज में मानवता, सेवा और भाईचारे की भावना को मजबूत करने का भी संदेश देता है।
भाईचारे और इंसानियत का प्रतीक बना शिविर
जामा मस्जिद कमेटी के अध्यक्ष अबरार खान, आशिक हुसैन एवं सलमान शेख ने कहा कि मोहर्रम का वास्तविक संदेश इंसानियत, एकता और समाज सेवा है। हसनी हुसैनी सोसायटी द्वारा आयोजित रक्तदान शिविर इसी भावना का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज को सकारात्मक दिशा देने के साथ युवाओं को सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करते हैं।

युवाओं की भागीदारी से सफल हुआ आयोजन
हसनी हुसैनी सोसायटी के अध्यक्ष लकी अली ने बताया कि संस्था का उद्देश्य समाज के हर वर्ग तक सेवा कार्यों को पहुंचाना है। रक्तदान शिविर का आयोजन भी इसी सोच के तहत किया गया है। उन्होंने कहा कि मोहर्रम माह की शुरुआत रक्तदान जैसे पुण्य कार्य से होना समाज के लिए प्रेरणादायक संदेश है।
कार्यक्रम को सफल बनाने में पूर्व अध्यक्ष राज ताजी, आसिफ चिश्ती, सूफी इमरान ताजी, असबाब अली, एफाज रईन, शाहनवाज ताजी, आबिद खान, अनीस ताजी, दानिश खान सहित सोसायटी के अनेक युवाओं ने सक्रिय भूमिका निभाई। सभी ने मिलकर शिविर की व्यवस्थाओं को संभाला और रक्तदाताओं का उत्साहवर्धन किया।
समाजसेवा की दिशा में सराहनीय पहल
रक्तदान शिविर के माध्यम से हसनी हुसैनी सोसायटी ने यह संदेश दिया कि समाज सेवा केवल शब्दों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि उसे कार्यों के माध्यम से भी प्रदर्शित किया जाना चाहिए। मोहर्रम की पहली तारीख पर आयोजित यह शिविर मानवता, सहयोग और सेवा भावना का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर सामने आया।







