ग्राहक बनकर आई महिला ने ज्वेलर्स की दुकान में किया 65 लाख का खेल, 250 CCTV कैमरों से खुला राज!
स्कार्फ से चेहरा ढककर पहुंची थी शातिर महिला, दुकानदार को बेसमेंट में बंद कर उड़ाए सोने-चांदी के जेवर; इटारसी से आरोपी गिरफ्तार, 450 ग्राम आभूषण बरामद

नर्मदापुरम। सराफा बाजार में ग्राहक बनकर पहुंची एक शातिर महिला ने ऐसी चाल चली कि ज्वेलर्स संचालक को भनक तक नहीं लगी और देखते ही देखते करीब 65 लाख रुपये के सोने-चांदी के आभूषण गायब कर दिए। महिला ने पहले ग्राहक बनकर जेवर देखे, फिर दुकानदार को सामान लेने के बहाने बेसमेंट में भेजकर बाहर से दरवाजा बंद कर दिया और दुकान के काउंटर की दराज में रखे आभूषणों के डिब्बे लेकर फरार हो गई। हालांकि, नर्मदापुरम पुलिस ने करीब 250 CCTV कैमरों के फुटेज खंगालकर आरोपी महिला को इटारसी से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसके कब्जे से चोरी गए करीब 450 ग्राम सोने-चांदी के आभूषण भी बरामद किए हैं, जिनकी कीमत लगभग 65 लाख रुपये बताई गई है।
स्कार्फ बांधकर पहुंची, ग्राहक बनने का किया नाटक
पुलिस के अनुसार, 2 नवंबर 2026 को फरियादी आशीष कुमार जैन (63 वर्ष) ने थाना कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई कि रघुनाथ गली स्थित उनकी राजा ज्वेलर्स दुकान पर दोपहर करीब 12:30 बजे स्कार्फ से चेहरा ढकी एक महिला ग्राहक बनकर पहुंची। महिला ने स्मॉल गोल्ड खरीदने की बात कही और स्कार्फ हटाने से इनकार कर दिया।
इसके बाद उसने मंगलसूत्र का पेंडल देखा और एटीएम से पैसे लाने का बहाना बनाकर दुकान से चली गई। करीब 15 मिनट बाद वह दोबारा लौटी और कान के टॉप्स दिखाने को कहा।
दुकानदार को बेसमेंट में भेजकर दिया वारदात को अंजाम
महिला की चालाकी का अंदाजा दुकानदार को नहीं था। जैसे ही आभूषण दिखाने के लिए फरियादी बेसमेंट स्थित स्टोर रूम में गए, महिला ने बाहर से दरवाजा बंद कर दिया। इसके बाद काउंटर की दराज में रखे सोने-चांदी के आभूषणों के डिब्बे चोरी कर वह मौके से फरार हो गई।
घटना की रिपोर्ट पर थाना कोतवाली में अपराध क्रमांक 1052/2026 के तहत धारा 305(a), 127(2) बीएनएस में मामला दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की।
250 CCTV कैमरों के फुटेज खंगाले, इटारसी तक पहुंची पुलिस
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार शुक्ला के निर्देश पर आरोपी की तलाश के लिए अलग-अलग टीमें गठित की गईं। पुलिस टीमों ने घटनास्थल और आसपास के रास्तों पर लगे करीब 250 CCTV कैमरों के फुटेज खंगाले तथा तकनीकी साक्ष्य जुटाए।
जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि इसी तरह की वारदात पहले इटारसी के सराफा बाजार में भी हो चुकी है। इसके बाद नर्मदापुरम और इटारसी के CCTV फुटेज का मिलान किया गया। संदिग्ध महिला की पहचान होने पर पुलिस टीम तत्काल इटारसी पहुंची और घेराबंदी कर उसे पुलिस अभिरक्षा में ले लिया।
चाहत मंसूरी उर्फ मुस्कान निकली आरोपी
पूछताछ में महिला ने अपना नाम चाहत मंसूरी उर्फ मुस्कान लोट, पति निखिल लोट, उम्र 28 वर्ष, निवासी चर्च के पीछे, खेड़ा, इटारसी बताया। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में उसने राजा ज्वेलर्स में चोरी करना स्वीकार किया। उसके कब्जे से चोरी गए संपूर्ण आभूषण बरामद कर उसे विधिवत गिरफ्तार किया गया।
पहचान छिपाने के लिए जला दिए कपड़े और चप्पल
पुलिस के अनुसार, आरोपी महिला ने अपनी पहचान छिपाने के उद्देश्य से वारदात के दौरान पहने कपड़े, स्कार्फ और चप्पल तक जला दिए थे। इतना ही नहीं, चोरी किए गए आभूषणों के डिब्बों को भी आग के हवाले कर दिया था। पुलिस का कहना है कि आरोपी ने पूर्व में इटारसी के सराफा बाजार में भी इसी तरीके से चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। उससे अन्य संभावित वारदातों के संबंध में पूछताछ की जा रही है।
65 लाख का मशरूका बरामद
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से करीब 450 ग्राम वजन के सोने-चांदी के आभूषण बरामद किए हैं। इनकी अनुमानित कीमत करीब 65 लाख रुपये बताई गई है। इस कार्रवाई को नर्मदापुरम पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है।
पुलिस टीम की रही सराहनीय भूमिका
पूरी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार शुक्ला के मार्गदर्शन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक राजन के निर्देशन एवं एसडीओपी जीतेन्द्र पाठक के पर्यवेक्षण में की गई। थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक गौरव सिंह बुंदेला के नेतृत्व में गठित टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और CCTV फुटेज के आधार पर आरोपी तक पहुंचने में सफलता हासिल की।
कार्रवाई में थाना कोतवाली, थाना देहात एवं साइबर सेल के पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
सराफा व्यापारियों को पुलिस की चेतावनी
इस घटना के बाद नर्मदापुरम पुलिस ने सराफा व्यापारियों से सतर्क रहने की अपील की है। पुलिस ने कहा है कि चेहरा ढककर आने वाले संदिग्ध ग्राहकों पर विशेष नजर रखें। ग्राहक की मौजूदगी में दुकान या काउंटर खुला छोड़कर न जाएं तथा CCTV कैमरे हमेशा चालू रखें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल नजदीकी थाने या डायल 112 पर दें।







