रेलवे की मंजूरी बेअसर! महीनों बाद भी पटरी पर नहीं उतरी इटारसी-मदन महल पैसेंजर
इटारसी-मदन महल पैसेंजर का महीनों से इंतजार कर रहे यात्री, गाडरवारा समेत कई स्टेशनों के लोगों को अब तक नहीं मिली राहत; रेलवे की चुप्पी पर उठे सवाल

गाडरवारा। रेलवे की मंजूरी मिल गई, ट्रेन नंबर भी आवंटित हो गए और आने-जाने की समय-सारणी तक निर्धारित कर दी गई, लेकिन इसके बावजूद इटारसी से मदन महल (जबलपुर) के बीच प्रस्तावित दैनिक पैसेंजर ट्रेन आज तक पटरी पर नहीं उतर सकी। रेलवे की घोषणा के महीनों बाद भी ट्रेन का संचालन शुरू नहीं होना यात्रियों के लिए निराशा का कारण बन गया है। सवाल यह है कि जब ट्रेन चलाने की स्वीकृति मिल चुकी है, तो फिर आखिर किस वजह से यात्रियों को इस सुविधा से वंचित रखा जा रहा है?
घोषणा हुई, स्वीकृति मिली, लेकिन ट्रेन कहां अटक गई?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, भारतीय रेलवे ने 8 अगस्त 2026 को ट्रेन नंबर 51673/51674 इटारसी-मदन महल पैसेंजर के संचालन की स्वीकृति की जानकारी दी थी। प्रस्तावित समय-सारणी के मुताबिक ट्रेन को इटारसी से सुबह 11:40 बजे रवाना होकर शाम 4:45 बजे मदन महल पहुंचना था। वहीं वापसी में मदन महल से शाम 5:50 बजे प्रस्थान कर रात 10:55 बजे इटारसी पहुंचने का समय निर्धारित बताया गया था।
करीब 242 किलोमीटर की दूरी तय करने वाली इस ट्रेन से नर्मदापुरम और नरसिंहपुर जिले के हजारों यात्रियों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद थी। लेकिन महीनों गुजर जाने के बाद भी ट्रेन का संचालन शुरू नहीं हुआ। ऐसे में रेलवे की स्वीकृति और वास्तविक धरातल पर ट्रेन के संचालन के बीच का अंतर अब यात्रियों के लिए बड़ा सवाल बन गया है।
गाडरवारा समेत कई स्टेशनों के यात्रियों की उम्मीदों पर पानी
इस पैसेंजर ट्रेन के शुरू होने से बागरा तवा, सोहागपुर, पिपरिया, बनखेड़ी, सालीचौका रोड, गाडरवारा, करेली, नरसिंहपुर और श्रीधाम सहित मार्ग के अनेक स्टेशनों के यात्रियों को बड़ी सुविधा मिल सकती थी।
विशेषकर नौकरीपेशा लोगों, विद्यार्थियों, छोटे व्यापारियों और रोजाना अप-डाउन करने वाले यात्रियों के लिए यह ट्रेन कम खर्च में सुविधाजनक सफर का विकल्प बन सकती थी। वर्तमान में यात्रियों को आवागमन के लिए दूसरी ट्रेनों और अन्य साधनों पर निर्भर रहना पड़ता है। पैसेंजर ट्रेन शुरू होने से छोटे स्टेशनों के यात्रियों को भी सीधा लाभ मिलता।
रेलवे की चुप्पी पर सवाल, आखिर कब मिलेगी ट्रेन?
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब रेलवे ने ट्रेन संचालन की स्वीकृति की जानकारी सार्वजनिक कर दी थी, तब अब तक इसके परिचालन की तारीख क्यों घोषित नहीं की गई? क्या ट्रेन के संचालन में कोई तकनीकी अड़चन है, रैक उपलब्धता की समस्या है या फिर कोई प्रशासनिक प्रक्रिया अधूरी है? रेलवे को इन सवालों पर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
यात्रियों का कहना है कि केवल स्वीकृति की जानकारी देना पर्याप्त नहीं है। यदि ट्रेन चलाने का निर्णय लिया जा चुका है, तो उसके संचालन की निश्चित तारीख भी सार्वजनिक की जानी चाहिए। आखिरकार रेलवे की घोषणाओं का वास्तविक लाभ यात्रियों तक पहुंचना चाहिए, न कि वे महीनों तक केवल इंतजार करते रहें।
अब जवाबदेही तय करे रेलवे
इटारसी से मदन महल के बीच प्रस्तावित पैसेंजर ट्रेन केवल एक रेल सेवा नहीं, बल्कि छोटे-बड़े स्टेशनों से जुड़े हजारों यात्रियों की रोजमर्रा की जरूरत है। ऐसे में रेलवे अधिकारियों को देरी का कारण स्पष्ट करते हुए ट्रेन संचालन की समय-सीमा बतानी चाहिए।
मंजूरी के बाद भी ट्रेन का न चलना रेलवे की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है। अब देखना यह है कि यात्रियों को जल्द राहत मिलती है या इटारसी-मदन महल पैसेंजर ट्रेन की घोषणा कागजों तक ही सीमित रह जाती है।







