“मदीने वाले से मेरा सलाम कहना…” उमरा यात्रियों का सदाओं और दुआओं के साथ हुआ इस्तकबाल
गाडरवारा में उमरा यात्रा पर रवाना हुए रेहानउद्दीन और सुफियान उद्दीन, मुस्लिम समाज सहित विभिन्न वर्गों के लोगों ने किया आत्मीय स्वागत

गाडरवारा। “मदीने वाले से मेरा सलाम कहना और वतन की तरक्की व खुशहाली के लिए दुआ करना…” इन भावपूर्ण शब्दों और दुआओं के बीच गाडरवारा नगर के दो युवा उमरा यात्रा के लिए रवाना हुए। मज्जू पहलवान और उक्कीन बाबा के बेटे रेहानउद्दीन एवं सुफियान उद्दीन मक्का-मदीना की पवित्र यात्रा पर जाने के लिए विगत दिवस गरीब रथ ट्रेन से रवाना हुए। इस अवसर पर नगर में उनके स्वागत और विदाई का भावुक माहौल देखने को मिला।
निरंजन वार्ड में आयोजित हुआ स्वागत समारोह
उमरा यात्रा पर रवाना होने से पहले नगर के निरंजन वार्ड में स्वागत समारोह आयोजित किया गया। इसमें मुस्लिम समाज सहित विभिन्न वर्गों के लोगों ने शामिल होकर दोनों यात्रियों का आत्मीय स्वागत किया और उनकी सफल, सुखद एवं मंगलमय यात्रा की कामना की।
कार्यक्रम में पूर्व विधायक एवं महिला आयोग सदस्य साधना स्थापक, किसान नेता शशिकांत पटेल, वरिष्ठ भाजपा नेता विकास जैन, नेता सत्तार खान, अब्दुल फिरोज खान, जामा मस्जिद के पेश इमाम जुबेर आलम साहब, पत्रकार मकसूद खान, महबूब अत्तारी, शेख आरिफ, अरबाब अली मम्मू और सादिक खान सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
सभी ने उमरा यात्रियों को शुभकामनाएं देते हुए उनकी धार्मिक यात्रा के सफल होने की कामना की। इस दौरान आपसी सद्भाव, भाईचारे और सामाजिक एकता की झलक भी देखने को मिली।
रेलवे स्टेशन पर दुआओं के साथ दी विदाई
स्वागत समारोह के बाद रेलवे स्टेशन पर भी बड़ी संख्या में लोग उमरा यात्रियों को विदाई देने पहुंचे। अपनों से विदा लेते समय माहौल भावुक हो गया। लोगों ने उन्हें गले लगाकर मुबारकबाद दी और मदीने की पवित्र धरती पर पहुंचकर सभी की ओर से सलाम पेश करने का आग्रह किया।
लोगों ने कहा, “मदीने वाले से हमारा सलाम कहना और मुल्क की तरक्की, अमन-चैन, खुशहाली तथा आपसी भाईचारे के लिए दुआ करना।”
इस आत्मीय विदाई ने धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक सौहार्द और एक-दूसरे के प्रति प्रेम व सम्मान का संदेश दिया।
वतन की खुशहाली के लिए दुआओं की उम्मीद
उमरा इस्लाम की एक महत्वपूर्ण धार्मिक इबादत है, जिसके लिए श्रद्धालु मक्का स्थित पवित्र काबा और मदीना की यात्रा करते हैं। उमरा यात्रियों को विदाई देने पहुंचे लोगों ने उम्मीद जताई कि उनकी यह यात्रा आध्यात्मिक शांति और आत्मिक संतुष्टि प्रदान करेगी।
गाडरवारा में आयोजित इस स्वागत और विदाई कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक एकता, भाईचारा और परस्पर सम्मान भी समाज की महत्वपूर्ण पहचान हैं।







