दुआओं और फूलों की बारिश के बीच उमरा यात्रियों को दी गई विदाई
गाडरवारा रेलवे स्टेशन पर सैकड़ों लोगों ने किया इस्तकबाल, जामा मस्जिद से जुलूस के साथ पहुंचे जायरीन

गाडरवारा। मक्का शरीफ और मदीना मुनव्वरा की जियारत एवं उमरा की मुबारक यात्रा पर रवाना हो रहे जायरीनों का गाडरवारा में धार्मिक उत्साह और गर्मजोशी के साथ भव्य स्वागत किया गया। यात्रा पर रवाना होने से पहले जामा मस्जिद में जायरीनों का इस्तकबाल किया गया, जिसके बाद उन्हें जुलूस के रूप में शक्ति चौक होते हुए गाडरवारा रेलवे स्टेशन तक लाया गया।
शक्ति चौक पर भी जायरीनों का पुष्पवर्षा के साथ स्वागत किया गया। इसके बाद रेलवे स्टेशन पहुंचने पर सैकड़ों लोगों ने उन्हें दुआओं के साथ विदाई दी। पूरे स्टेशन परिसर में उत्साह और आध्यात्मिक माहौल नजर आया।
नात-ए-पाक के साथ गूंजे धार्मिक नारे
जायरीनों के स्वागत के दौरान युवाओं ने पुष्पवर्षा करते हुए “चल मदीना, चल मदीना” सहित धार्मिक नारे लगाए। वहीं नात-ख्वानों ने हजरत मोहम्मद मुस्तफा ﷺ की शान में नात-ए-पाक पेश की। इस दौरान जायरीनों के परिजन, रिश्तेदार और समाज के लोग बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
जायरीनों का जत्था गरीब रथ एक्सप्रेस से मुंबई के लिए रवाना हुआ, जहां से वे आगे मक्का-मदीना की पवित्र यात्रा के लिए प्रस्थान करेंगे।
हाफिज जुबेर आलम ने दी मुबारक यात्रा की जानकारी
इस अवसर पर हाफिज जुबेर आलम ने कहा कि उमरा का सफर बेहद मुबारक है। सभी जायरीन मक्का शरीफ में उमरा अदा करेंगे और मदीना मुनव्वरा में रोज-ए-रसूल पर हाजिरी देंगे। उन्होंने कहा कि सभी की दुआ है कि अल्लाह तआला जायरीनों की इबादत और उमरा को कबूल फरमाए तथा वे अपने शहर और देश में अमन-चैन एवं खुशहाली की दुआ करें।
ये लोग हुए शामिल
उमरा यात्रा पर जाने वालों में प्रमुख रूप से मरहूम मौसम मिस्त्री के बेटे आशिक हुसैन आरटीओ, सादिक हुसैन सहित उनके परिवार के सात सदस्य तथा सेवानिवृत्त शिक्षिका मुमताज खान एवं उनकी पुत्री शामिल हैं।
जायरीनों को विदाई देने वालों में जामा मस्जिद कमेटी अध्यक्ष अबरार खान, महमूद पहलवान, भाजपा नेता सत्तार खान, अब्दुल फिरोज खान, शेख सोहेल, आशिक अली, हसनी हुसैनी सोसायटी से लकी अली, सलमान शेख, अफजल खान, शाहिद ठेकेदार, फारुख खान, अस्बाब अली, आमिर खान सहित बड़ी संख्या में समाजजन मौजूद रहे।
सभी ने जायरीनों को मुबारक यात्रा की शुभकामनाएं देते हुए उनकी सलामती और इबादतों की कबूलियत के लिए दुआ की।







