हिंदी दिवस पर सार्वजनिक पुस्तकालय में सजी काव्य गोष्ठी
रचनाकारों ने काव्य पाठ के जरिए हिंदी की महत्ता और उपयोगिता को किया रेखांकित

गाडरवारा। हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में श्री सार्वजनिक पुस्तकालय न्यास में 15 सितंबर को काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सेवानिवृत्त शिक्षक महेश नेमा ने की। वरिष्ठ साहित्यकार कुशलेन्द्र श्रीवास्तव मुख्य अतिथि तथा पुस्तकालय अध्यक्ष अनिल गुप्ता विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ राजेश कौरव द्वारा सरस्वती वंदना के साथ किया गया। इसके बाद आयोजित काव्य गोष्ठी में स्थानीय रचनाकारों ने अपनी साहित्यिक प्रस्तुतियों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया।
रचनाओं में दिखी हिंदी के प्रति संवेदना
काव्य गोष्ठी में मलखान मेहरा ने छंद रस से परिपूर्ण रचना प्रस्तुत की। डॉ. अजय जायसवाल ने अपनी प्रभावशाली प्रस्तुति से श्रोताओं का मन मोह लिया। शील मेहरा ने हिंदी भाषा की महत्ता पर केंद्रित काव्य पाठ किया, जबकि विजय बेशर्म ने हिंदी की सार्थकता को रेखांकित करती रचना प्रस्तुत की।

कार्यक्रम का संचालन करते हुए अखिलेश साहू ने हिंदी को जनमानस की भाषा बताते हुए इसके व्यापक प्रयोग की आवश्यकता पर बल दिया।
‘नाराज़ फूफाजी’ व्यंग्य ने बटोरी सराहना
कार्यक्रम में वरिष्ठ साहित्यकार नागेंद्र त्रिपाठी, राजेश कौरव एवं कोषाध्यक्ष आलोक अग्रवाल ने भी हिंदी भाषा और साहित्य से जुड़े अपने विचार साझा किए।
मुख्य अतिथि कुशलेन्द्र श्रीवास्तव ने समसामयिक विषय ‘नाराज़ फूफाजी’ पर व्यंग्य प्रस्तुति दी, जिसे उपस्थित साहित्यप्रेमियों ने खूब सराहा। अध्यक्षीय उद्बोधन में महेश नेमा ने हिंदी भाषा की सारगर्भिता और उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए इसके निरंतर प्रयोग की आवश्यकता बताई।
पुस्तकालय में साहित्यिक आयोजनों पर जोर
पुस्तकालय अध्यक्ष अनिल गुप्ता ने कहा कि सार्वजनिक पुस्तकालय केवल पुस्तकों के अध्ययन का केंद्र ही नहीं, बल्कि साहित्यिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का मंच भी है। उन्होंने पुस्तकालय में नियमित रूप से ऐसे साहित्यिक कार्यक्रम आयोजित किए जाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
कार्यक्रम में कमल साहू, आयुष कठल, सत्यम नेमा और ग्रंथपाल नेतराम कहार सहित बड़ी संख्या में साहित्यप्रेमी उपस्थित रहे। अंत में नागेंद्र त्रिपाठी ने सभी अतिथियों एवं उपस्थित साहित्यप्रेमियों के प्रति आभार व्यक्त किया।







