नर्मदा तट पर गूंजे वैदिक मंत्र, विधि-विधान से हुआ पूजन-अर्चन और चुनरी अर्पण
परम पूज्य रावतपुरा सरकार महाराज का होटल श्री लीला पैलेस में दिव्य आगमन, श्रद्धालुओं ने लिया आशीर्वाद

संवाददाता पूजा मालवीय
करेली/राजमार्ग। जगतजननी मां नर्मदा जी के पावन तट पर बुधवार को श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण वातावरण देखने को मिला। मां नर्मदा के पावन तट पर विधि-विधान एवं धार्मिक परंपराओं के अनुसार पूजन-अर्चन और चुनरी अर्पण का दिव्य अनुष्ठान संपन्न हुआ। अनुष्ठान के दौरान श्रद्धालुओं ने मां नर्मदा का पूजन कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति एवं मंगल की कामना की।
धार्मिक अनुष्ठान की पूर्णता के पश्चात संत शिरोमणि परम पूज्य श्री श्री 1008 श्री रावतपुरा सरकार जी महाराज का राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित होटल श्री लीला पैलेस में पावन आगमन हुआ। गुरुदेव के आगमन की जानकारी मिलते ही श्रद्धालुओं एवं धर्मप्रेमी नागरिकों में विशेष उत्साह देखने को मिला। उनके दर्शन और आशीर्वाद के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं गणमान्यजन उपस्थित रहे।
सपरिवार किया गुरुदेव का आत्मीय स्वागत
इस आध्यात्मिक अवसर पर क्षेत्र के प्रतिष्ठित व्यक्तित्व श्री संजय शर्मा जी ने सपरिवार परम पूज्य गुरुदेव श्री रावतपुरा सरकार महाराज का आत्मीय स्वागत किया। उन्होंने गुरुदेव का वंदन एवं अभिनंदन करते हुए उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।
गुरुदेव के पावन सान्निध्य से होटल श्री लीला पैलेस का वातावरण भी भक्तिमय हो उठा। उपस्थित श्रद्धालुओं एवं गणमान्य नागरिकों ने गुरुदेव के दर्शन कर स्वयं को धन्य महसूस किया।
श्रद्धालुओं और विप्र बंधुओं से की आत्मीय मुलाकात
कार्यक्रम के दौरान परम पूज्य गुरुदेव श्री रावतपुरा सरकार महाराज ने मां नर्मदा के अनुष्ठान में शामिल हुए विप्र बंधुओं, गणमान्य नागरिकों और दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालुओं से आत्मीय भेंट की। गुरुदेव ने सभी से सहज भाव से मुलाकात की और उनके प्रति अपना अहेतुक स्नेह एवं आशीर्वाद व्यक्त किया।
गुरुदेव के दर्शन और उनके स्नेहपूर्ण व्यवहार से श्रद्धालुओं में विशेष प्रसन्नता दिखाई दी। कई श्रद्धालुओं ने गुरुदेव से आशीर्वाद प्राप्त किया और आध्यात्मिक अनुभूति को अपने लिए सौभाग्य का अवसर बताया।
श्रद्धालुओं के साथ बैठकर ग्रहण की महाप्रसादी
इस अवसर की विशेष बात यह रही कि परम पूज्य गुरुदेव ने उपस्थितजनों के साथ बैठकर प्रेमपूर्वक महाप्रसादी ग्रहण की। गुरुदेव का यह सहज और आत्मीय भाव श्रद्धालुओं के बीच चर्चा का विषय रहा।
महाप्रसादी के दौरान भी वातावरण में भक्ति और आत्मीयता बनी रही। उपस्थित श्रद्धालुओं ने गुरुदेव के सान्निध्य को आध्यात्मिक रूप से विशेष और स्मरणीय बताया।
नर्मदा तट से होटल श्री लीला पैलेस तक भक्तिमय माहौल
मां नर्मदा के पावन तट पर पूजन-अर्चन एवं चुनरी अर्पण से शुरू हुआ यह आध्यात्मिक क्रम गुरुदेव के आगमन के साथ और अधिक भक्तिमय हो गया। धार्मिक अनुष्ठान, संत सान्निध्य, श्रद्धालुओं की उपस्थिति और आशीर्वाद के इस संगम ने पूरे क्षेत्र में आध्यात्मिक वातावरण निर्मित कर दिया।
मां नर्मदा को भारतीय सनातन परंपरा में विशेष धार्मिक एवं आध्यात्मिक महत्व प्राप्त है। ऐसे में नर्मदा तट पर धार्मिक अनुष्ठान और संत-महात्माओं का सान्निध्य श्रद्धालुओं के लिए विशेष आस्था का विषय रहा।
श्रद्धालुओं ने माना सौभाग्य का अवसर
गुरुदेव के पावन आगमन के अवसर पर उपस्थित श्रद्धालुओं में उत्साह और श्रद्धा का माहौल रहा। लोगों ने गुरुदेव के दर्शन एवं आशीर्वाद को अपने लिए सौभाग्य का अवसर माना। आयोजन के दौरान आपसी सद्भाव, श्रद्धा और आध्यात्मिक भावनाओं का सुंदर संगम देखने को मिला।
इस पूरे धार्मिक एवं आध्यात्मिक आयोजन ने करेली-राजमार्ग क्षेत्र में भक्ति और आस्था की एक अलग छटा बिखेर दी। मां नर्मदा के पावन तट पर हुए अनुष्ठान और परम पूज्य रावतपुरा सरकार महाराज के दिव्य सान्निध्य ने इस अवसर को श्रद्धालुओं के लिए विशेष एवं यादगार बना दिया।







