विधायक संजय पाठक की कंपनी से करोड़ों की ठगी के तार करेली तक पहुंचे, 4 आरोपी हिरासत में
WhatsApp हैक कर ‘बॉस फ्रॉड’ को दिया गया अंजाम, करीब 28 लाख रुपये फ्रीज; पुलिस रिमांड में आरोपियों से पूछताछ जारी

कटनी/करेली। कटनी के विजयराघवगढ़ विधायक एवं कारोबारी संजय पाठक की फर्म से करीब 1 करोड़ 49 लाख 60 हजार रुपये की साइबर ठगी के मामले में कटनी पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने मामले में नरसिंहपुर जिले के करेली से चार संदिग्ध आरोपियों को हिरासत में लिया है। आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें एक दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया है।
पुलिस के अनुसार, ठगी की वारदात 12 अगस्त 2026 को हुई थी। घटना सामने आते ही कटनी पुलिस ने तत्काल एफआईआर दर्ज कर साइबर सेल की मदद से जांच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तीन विशेष टीमें गठित कर मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों के साथ-साथ दूसरे राज्यों में भी आरोपियों की तलाश शुरू की।
सीनियर डायरेक्टर के मोबाइल से आया मैसेज, अकाउंटेंट ने कर दिया करोड़ों का ट्रांसफर
जानकारी के अनुसार, 12 अगस्त की दोपहर करीब 2 बजे फर्म के सीनियर अकाउंटेंट शैलेश तिवारी के पास कंपनी के सीनियर डायरेक्टर गौतम के मोबाइल नंबर से व्हाट्सऐप के माध्यम से करीब डेढ़ करोड़ रुपये तत्काल एक बैंक खाते में ट्रांसफर करने का निर्देश आया।
मैसेज सीनियर डायरेक्टर के नंबर से आया था, इसलिए अकाउंटेंट को किसी तरह का संदेह नहीं हुआ। उन्होंने निर्देश के अनुसार कंपनी के खाते से 1 करोड़ 49 लाख 60 हजार रुपये विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिए।
बाद में जब कंपनी के अधिकारियों को इस लेनदेन की जानकारी हुई तो मामला साइबर ठगी का निकला। इसके बाद विधायक संजय पाठक की ओर से कटनी पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा को घटना की जानकारी दी गई।
पुलिस ने तत्काल शुरू की कार्रवाई
मामले की जानकारी मिलते ही कटनी पुलिस ने संबंधित बैंक खातों में ट्रांसफर हुई राशि को रोकने के प्रयास शुरू किए। साइबर सेल और रंगनाथनगर थाना पुलिस की टीमों ने बैंक खातों, लेनदेन और डिजिटल फुटप्रिंट की जांच शुरू की।
पुलिस की जांच में सामने आया कि ठगी की रकम अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर की गई थी। इसी दौरान करीब 4 लाख 20 हजार रुपये करेली निवासी अनुज कुर्मी के बैंक खाते में पहुंचने की जानकारी सामने आई।
पुलिस के मुताबिक, अनुज ने इस रकम को आगे आर्यन, यशवंत और एक अन्य युवक के खातों में अलग-अलग हिस्सों में ट्रांसफर किया। लेनदेन की कड़ियां जुड़ने के बाद कटनी पुलिस की टीम ने करेली में दबिश देकर चारों संदिग्धों को हिरासत में लिया।
करीब 28 लाख रुपये कराए गए फ्रीज
पुलिस की त्वरित कार्रवाई के चलते ठगी की रकम में से अलग-अलग बैंक खातों में मौजूद करीब 28 लाख रुपये फ्रीज कराए गए हैं। इसका उद्देश्य आरोपियों द्वारा रकम को निकालने या आगे ट्रांसफर करने से रोकना है।
पुलिस अब रिमांड के दौरान आरोपियों से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि ठगी की शेष रकम किन-किन खातों में पहुंची तथा इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
‘बॉस फ्रॉड’ के जरिए ठगी का आरोप
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में यह मामला ‘बॉस फ्रॉड’ से जुड़ा प्रतीत हो रहा है। इस तरह के साइबर अपराध में ठग वरिष्ठ अधिकारी या कंपनी के अधिकारी के नाम और मोबाइल/व्हाट्सऐप अकाउंट का इस्तेमाल कर कर्मचारी को तत्काल भुगतान या रकम ट्रांसफर करने के निर्देश देते हैं।
इस मामले में भी सीनियर डायरेक्टर के नंबर से संदेश आने के कारण अकाउंटेंट ने निर्देश को वास्तविक समझकर करोड़ों रुपये ट्रांसफर कर दिए।
अंतरराज्यीय गिरोह से जुड़े होने की आशंका
पुलिस जांच में यह भी आशंका जताई जा रही है कि मामले के तार राज्य स्तरीय अथवा अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह से जुड़े हो सकते हैं। पुलिस बैंक खातों में हुए लेनदेन की पूरी श्रृंखला खंगाल रही है।
पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार किए गए चारों संदिग्ध गिरोह के निचले स्तर पर काम करने वाले लोग हो सकते हैं। पूछताछ के आधार पर आने वाले दिनों में इस साइबर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की गिरफ्तारी और ठगी की रकम की बरामदगी की संभावना है।
कटनी पुलिस की कार्रवाई अभी जारी है। पुलिस द्वारा डिजिटल साक्ष्य, बैंकिंग ट्रांजेक्शन और आरोपियों के संपर्कों की जांच की जा रही है। मामले में आगे और गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई गई है।







