मध्य प्रदेश

भारी वाहनों पर कलेक्टर का बड़ा एक्शन: सुबह 7 से रात 9 बजे तक शहर में नो एंट्री, 30 किमी प्रति घंटा तय हुई रफ्तार

लगातार हादसों और जनआक्रोश के बाद प्रशासन सख्त, कोयला-राखड़ वाहनों के लिए नए नियम तत्काल प्रभाव से लागू

नरसिंहपुर। जिले में कोयला, फ्लाई ऐश (राखड़), रेत, गिट्टी एवं अन्य खनिजों का परिवहन करने वाले भारी वाहनों पर जिला प्रशासन ने कड़ा शिकंजा कस दिया है। लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं, जनहानि और बढ़ते जनआक्रोश को देखते हुए कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्रीमती रजनी सिंह ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) 2023 की धारा 163 के तहत सख्त आदेश जारी किए हैं। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।

गौरतलब है कि गाडरवारा समेत जिले के कई क्षेत्रों में राखड़ एवं खनिज परिवहन करने वाले भारी वाहनों से कई गंभीर सड़क दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें अनेक लोगों की जान गई। दुर्घटनाओं के बाद कई बार चक्काजाम, विरोध प्रदर्शन और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी भी सामने आई। आम नागरिक लंबे समय से भारी वाहनों के अनियंत्रित संचालन पर रोक लगाने की मांग कर रहे थे।

सुबह 7 बजे से रात 9 बजे तक रहेगी नो एंट्री

कलेक्टर द्वारा जारी आदेश के अनुसार जिले के प्रमुख शहरी और संवेदनशील क्षेत्रों में भारी मालवाहक वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा।

जिन क्षेत्रों में लागू रहेगा प्रतिबंध

  • गाडरवारा शहरी क्षेत्र, मुख्य बाजार एवं गाडरवारा-सांईखेड़ा मार्ग
  • तेंदूखेड़ा शहरी क्षेत्र, मुख्य बाजार एवं तेंदूखेड़ा-गाडरवारा मार्ग
  • एनटीपीसी प्रभावित क्षेत्र – गांगई, डोंगरगांव, चोरबरहेटा, कुड़ारी, रायपुर, कल्याणपुर चीचली एवं संपर्क मार्ग
  • प्रवेश निषेध समय – सुबह 7 बजे से रात 9 बजे तक

अब 30 किलोमीटर प्रति घंटा से अधिक नहीं होगी रफ्तार

आदेश के तहत कोयला, फ्लाई ऐश, कोल डस्ट, स्टोन डस्ट एवं अन्य खनिजों का परिवहन करने वाले सभी भारी वाहनों की अधिकतम गति सीमा 30 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित की गई है।

प्रशासन का मानना है कि गति नियंत्रण से दुर्घटनाओं में कमी आएगी और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।

तिरपाल से ढंकना होगा पूरा वाहन

कोयला और फ्लाई ऐश का परिवहन अब केवल तिरपाल से पूरी तरह ढके हुए वाहनों में ही किया जा सकेगा।

परिवहनकर्ताओं को यह सुनिश्चित करना होगा कि परिवहन के दौरान सामग्री सड़क पर न गिरे और न ही वातावरण में फैले। खाली लौटने वाले वाहनों में भी पानी का छिड़काव करना और पुनः तिरपाल से ढंकना अनिवार्य होगा।

वैध दस्तावेज और लाइसेंस जरूरी

जारी आदेश के अनुसार—

✔ वैध परमिट, बिल्टी एवं ईटीसी अनिवार्य

✔ वाहन चालक के पास वैध भारी वाहन ड्राइविंग लाइसेंस होना आवश्यक

✔ सभी वैधानिक दस्तावेज साथ रखना अनिवार्य

सड़क किनारे वाहन खड़ा करना पड़ सकता है भारी

कलेक्टर ने आदेश में स्पष्ट किया है कि यदि किसी भारी वाहन को सड़क पर लापरवाहीपूर्वक खड़ा करने से दुर्घटना होती है तो संबंधित वाहन की संचालन अनुमति निरस्त की जा सकती है।

नियम तोड़ने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई

आदेश का उल्लंघन करने, पर्यावरण प्रदूषण फैलाने या जनसुरक्षा को खतरे में डालने वाले ट्रांसपोर्टरों, खदान संचालकों, परियोजना प्रबंधन और अन्य जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता 2023, पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986, वायु प्रदूषण नियंत्रण अधिनियम 1981 एवं अन्य लागू कानूनों के तहत कार्रवाई की जाएगी।

क्यों जरूरी हुआ यह फैसला?

नरसिंहपुर जिले में पावर परियोजनाओं, खनन गतिविधियों और औद्योगिक विस्तार के कारण कोयला एवं फ्लाई ऐश का बड़े पैमाने पर परिवहन हो रहा है। इससे वायु प्रदूषण, यातायात बाधित होने और सड़क दुर्घटनाओं की घटनाएं लगातार बढ़ रही थीं।

प्रशासन का मानना है कि नए नियमों से सड़क सुरक्षा बेहतर होगी, प्रदूषण कम होगा और आम नागरिकों को राहत मिलेगी।

हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि ऐसे आदेश पहले लागू किए गए होते तो कई निर्दोष लोगों की जान बचाई जा सकती थी। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इन आदेशों का कितना सख्ती से पालन सुनिश्चित कर पाता है।

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