गाडरवारा-चीचली रेलवे फाटक स्थाई रूप से बंद, अब ओवरब्रिज से होगा आवागमन
गाडरवारा-चीचली मार्ग का रेलवे फाटक LC-258 सुरक्षा कारणों से स्थाई रूप से बंद कर दिया गया है। रेलवे प्रशासन ने नागरिकों से रेलवे ओवरब्रिज का उपयोग करने की अपील की है।

गाडरवारा। यातायात सुरक्षा को और अधिक मजबूत बनाने तथा रेल एवं सड़क यातायात को सुचारू रखने के उद्देश्य से रेलवे प्रशासन ने गाडरवारा-चीचली मार्ग स्थित रेलवे फाटक एलसी-258 (LC-258) को स्थाई रूप से बंद कर दिया है। रेलवे प्रशासन द्वारा इस संबंध में आम नागरिकों, वाहन चालकों और क्षेत्रवासियों को सूचना जारी कर वैकल्पिक मार्ग के रूप में रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) का उपयोग करने की अपील की गई है।
सुरक्षा को प्राथमिकता
रेलवे अधिकारियों के अनुसार यह निर्णय यात्रियों और स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। रेलवे फाटक पर अक्सर वाहनों की लंबी कतारें लगने के साथ-साथ दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी रहती थी। फाटक बंद होने से रेलवे ट्रैक पार करने के दौरान होने वाले संभावित हादसों को रोका जा सकेगा।
अधिकारियों का कहना है कि अब नागरिकों को रेलवे लाइन पार करने के लिए निर्धारित रेलवे ओवरब्रिज का उपयोग करना होगा, जिससे रेल और सड़क यातायात दोनों अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित रूप से संचालित हो सकेंगे।
ओवरब्रिज बनेगा प्रमुख मार्ग
फाटक बंद होने के बाद गाडरवारा और चीचली मार्ग से आने-जाने वाले सभी छोटे-बड़े वाहनों को रेलवे ओवरब्रिज से होकर गुजरना होगा। रेलवे प्रशासन का मानना है कि इससे न केवल आवागमन में सुविधा होगी, बल्कि ट्रेनों के संचालन में भी किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न नहीं होगी।
रेलवे प्रशासन की अपील
रेलवे प्रशासन ने नागरिकों से आग्रह किया है कि बंद किए गए रेलवे फाटक से किसी भी परिस्थिति में ट्रैक पार करने का प्रयास न करें। ऐसा करना न केवल नियमों का उल्लंघन है बल्कि जानलेवा भी साबित हो सकता है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यात्रियों और स्थानीय नागरिकों की सुविधा के लिए वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध हैं, इसलिए सभी लोग रेलवे ओवरब्रिज एवं निर्धारित मार्गों का ही उपयोग करें। इससे दुर्घटनाओं की संभावना कम होगी और सुरक्षित यातायात व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग मिलेगा।
नियमों का पालन करने की सलाह
रेलवे और स्थानीय प्रशासन ने क्षेत्रवासियों से यातायात नियमों का पालन करने तथा सुरक्षा संबंधी निर्देशों का गंभीरता से पालन करने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि जनहित और सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिया गया यह निर्णय भविष्य में दुर्घटनाओं को रोकने और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।







