नर्मदापुरम की TI कंचन सिंह ठाकुर को मिलेगा के.एफ. रुस्तमजी पुरस्कार, जिले में खुशी की लहर
नर्मदापुरम की कोतवाली प्रभारी का नाम प्रदेश के चुनिंदा पुलिस अधिकारियों में शामिल, जिले में खुशी और गर्व का माहौल

संवाददाता राकेश पटेल इक्का
नर्मदापुरम। पुलिस सेवा में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों को मिलने वाला सम्मान केवल एक पुरस्कार नहीं होता, बल्कि वर्षों की मेहनत, समर्पण और जनता के प्रति जिम्मेदारी का प्रमाण भी होता है। नर्मदापुरम कोतवाली थाना प्रभारी कंचन सिंह ठाकुर के नाम की घोषणा प्रतिष्ठित के.एफ. रुस्तमजी पुरस्कार के लिए होने के बाद पूरे जिले में खुशी और गर्व का माहौल है।
मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा वर्ष 2024 के लिए दिए जाने वाले इस प्रतिष्ठित सम्मान के लिए उनका चयन किया गया है। यह पुरस्कार पुलिस सेवा में उत्कृष्ट योगदान, प्रभावी कार्यशैली और उल्लेखनीय उपलब्धियों के लिए प्रदान किया जाता है। कंचन सिंह ठाकुर का चयन न केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि नर्मदापुरम जिले के लिए भी गौरव का विषय माना जा रहा है।
शिकायतों के समाधान में अलग पहचान
नर्मदापुरम में कंचन सिंह ठाकुर की पहचान एक ऐसी पुलिस अधिकारी के रूप में बनी है जो किसी भी शिकायत को केवल औपचारिकता के तौर पर नहीं लेतीं। उनके पास पहुंचने वाले हर व्यक्ति की बात को गंभीरता से सुनना और मामले की तह तक पहुंचकर समाधान निकालना उनकी कार्यशैली की खासियत रही है।
सहकर्मियों के अनुसार वे किसी भी जांच में जल्दबाजी करने के बजाय तथ्यों का गहन अध्ययन करती हैं और हर पहलू को परखने के बाद ही निष्कर्ष तक पहुंचती हैं। यही वजह है कि उनकी कार्यप्रणाली को विभाग के भीतर भी सराहा जाता रहा है।
सूक्ष्म जांच और मजबूत नेतृत्व क्षमता
कई मामलों में उनकी सूक्ष्म जांच क्षमता ने जटिल परिस्थितियों को सुलझाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। छोटी-छोटी जानकारियों को जोड़कर पूरे घटनाक्रम को समझने की उनकी क्षमता उन्हें अन्य अधिकारियों से अलग पहचान दिलाती है।
उनके नेतृत्व में कोतवाली थाना क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अपराध नियंत्रण और जनसुनवाई जैसे कार्यों को प्राथमिकता दी गई। यही कारण है कि जनता और पुलिस विभाग दोनों के बीच उनकी सकारात्मक छवि बनी हुई है।
सख्ती के साथ संवेदनशीलता भी
एक ओर जहां वे कानून के पालन में सख्त मानी जाती हैं, वहीं दूसरी ओर संवेदनशील मामलों में मानवीय दृष्टिकोण अपनाने के लिए भी जानी जाती हैं। जरूरतमंदों की सहायता, पीड़ितों की समस्याओं को गंभीरता से सुनना और सामाजिक सरोकारों के प्रति सजग रहना उनकी कार्यशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है।
जिले के लिए गर्व का क्षण
पुलिस सेवा में निष्पक्षता, ईमानदारी और जनविश्वास बनाए रखना किसी भी अधिकारी के लिए बड़ी चुनौती होती है। ऐसे माहौल में लगातार बेहतर कार्य करते हुए प्रदेश स्तर के प्रतिष्ठित पुरस्कार के लिए चयनित होना उनकी कार्यकुशलता का प्रमाण माना जा रहा है।
कंचन सिंह ठाकुर को मिलने वाला के.एफ. रुस्तमजी पुरस्कार केवल उनके उत्कृष्ट कार्यों का सम्मान नहीं है, बल्कि यह संदेश भी देता है कि कर्तव्यनिष्ठा और समर्पण के साथ किया गया कार्य हमेशा पहचान पाता है।
आज नर्मदापुरम जिले में एक ही भावना दिखाई दे रही है—मेहनत कभी व्यर्थ नहीं जाती और जब काम ईमानदारी से किया जाए तो सम्मान स्वयं चलकर आता है।







