फाइनेंस कंपनी की दबंगई आई सामने, विधवा के बेटे को बंधक बनाकर की अवैध वसूली
पीड़ित परिवार ने एसपी से की शिकायत

जनता एक्सप्रेस लाइव | रमेश कुमार सोलंकी
झाबुआ। जिले में एक फाइनेंस कंपनी की दबंगई का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि फाइनेंस कंपनी के कर्मचारियों ने सरेराह एक विधवा महिला के बेटे को जबरन बंधक बनाकर अवैध वसूली की। पीड़ित महिला ने समाजसेवियों के साथ एसपी कार्यालय पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई है।
ग्राम गढ़वाड़ा निवासी विधवा महिला दीतू पति रालू गुंडिया ने बताया कि 22 जनवरी को उसका बेटा आधार कार्ड बनवाने झाबुआ जा रहा था। इसी दौरान रास्ते में राजेश और प्रकाश नामक व्यक्तियों ने उसे जबरन रोका, उसकी बाइक छीन ली और उसे ‘प्राची एंटरप्राइजेस’ के ऑफिस ले गए।

पीड़िता के अनुसार, उसके बेटे को करीब तीन घंटे तक अवैध रूप से बंधक बनाकर रखा गया, जहां उसके साथ गाली-गलौज और मानसिक प्रताड़ना की गई। हैरानी की बात यह है कि बाइक की केवल तीन किस्तें बकाया थीं, जिनकी कुल राशि 9,540 रुपये थी, लेकिन फाइनेंस कंपनी के कर्मचारियों ने डर-धमकाकर 17,720 रुपये वसूल लिए। इसके अलावा 5,000 रुपये ‘सर्विस चार्ज’ के नाम पर भी ले लिए गए।
घटना के बाद से पूरा परिवार दहशत में है। एसपी कार्यालय में महिला के साथ पहुंचे समाजिक कार्यकर्ता गब्बरसिंह वास्केल और आम आदमी पार्टी के जिलाध्यक्ष कमलेश सिंगाड़ ने इस पूरी कार्रवाई को गैरकानूनी बताते हुए इसे सरेआम लूट करार दिया।

उन्होंने मांग की कि वाहन क्रमांक MP 45 ZC 7954 से जुड़े मामले में दोषी फाइनेंस कंपनी कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए और विधवा महिला के बेटे से वसूली गई अतिरिक्त राशि वापस दिलाई जाए।







