तेंदुए के हमले से घायल ढाई वर्षीय मासूम के इलाज के लिए महिलाओं का आक्रोश, विधायक को सौंपा आवेदन
वन विभाग पर लापरवाही के आरोप, तेंदुआ पकड़ने की उठी मांग

संवाददाता शैलेंद्र गुप्ता
शाहपुर।
ग्राम भौंरा में तेंदुए के हमले में गंभीर रूप से घायल हुए ढाई वर्षीय मासूम बच्चे के इलाज और गांव की सुरक्षा को लेकर महिलाओं का दर्द और आक्रोश सोमवार को खुलकर सामने आया। लगभग आधा सैकड़ा महिलाएं एकजुट होकर विधायक श्रीमती गंगा सज्जन सिंह उईके के निवास पहुंचीं और उन्हें ज्ञापन सौंपकर तत्काल मदद की गुहार लगाई।
महिलाओं ने कहा कि तेंदुए के हमले से मासूम बच्चा जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहा है, लेकिन वन विभाग की लापरवाही के चलते अब तक न तो तेंदुआ पकड़ा जा सका है और न ही ग्रामीणों को राहत मिली है।
“वन विभाग केवल खाना-पूर्ति कर रहा” – ग्रामीणों का आरोप
ग्रामीण महिलाओं का आरोप है कि फॉरेस्ट विभाग के अधिकारी केवल औपचारिकता निभा रहे हैं। कई दिनों से तेंदुआ गांव के आसपास खुलेआम घूम रहा है, जिससे बच्चों, महिलाओं और मवेशियों में भय का माहौल है।
ग्रामीणों के अनुसार तेंदुए ने अब तक दर्जनों मुर्गे-मुर्गियां और बकरा-बकरी भी अपना शिकार बना लिया है।
महीनों से जारी खतरा, फिर भी कार्रवाई नदारद
ग्रामीणों ने बताया कि लगभग एक माह पूर्व एसटीआर की ओर से चार हाथी तेंदुए को पकड़ने के लिए लाए गए थे, लेकिन इसके बावजूद तेंदुआ अब तक पकड़ से बाहर है।
ग्रामीणों का कहना है कि जब तक किसी की जान पर बन नहीं आती, तब तक विभाग की आंखें नहीं खुलतीं।
विधायक ने दिया आश्वासन
विधायक श्रीमती गंगा सज्जन सिंह उईके ने महिलाओं की पीड़ा को गंभीरता से सुनते हुए आश्वासन दिया कि
- तेंदुए को पकड़ने के लिए वन विभाग से शीघ्र चर्चा की जाएगी
- घायल बच्चे के इलाज में हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी
उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की सुरक्षा सर्वोपरि है और इस मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
गांव में दहशत, प्रशासन से ठोस कार्रवाई की मांग
इस घटना के बाद से ग्राम भौंरा में भय का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तेंदुए को तत्काल पकड़ने, क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने और पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग की है।


महीनों से जारी खतरा, फिर भी कार्रवाई नदारद




