गाडरवारा कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: महिला पर गोली चलाने के मामले में दो दोषियों को आजीवन कारावास
गाडरवारा कोर्ट का बड़ा फैसला: महिला पर गोली चलाने के षड्यंत्र में जगमोहन लड़िया और प्रदीप कौरव को आजीवन कारावास। अभियोजन और बचाव पक्ष के तर्क पढ़ें।

गाडरवारा | नरसिंहपुर। प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश गाडरवारा राजेश कुमार तिवारी की अदालत ने हत्या के प्रयास के एक गंभीर और बहुचर्चित मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए अभियुक्त जगमोहन लड़िया एवं प्रदीप कौरव को दोषी करार दिया है। न्यायालय ने दोनों अभियुक्तों को भारतीय दंड संहिता की धारा 307 सहपठित धारा 120बी (हत्या का प्रयास एवं आपराधिक षड्यंत्र) के अंतर्गत आजीवन कारावास तथा प्रत्येक पर ₹10,000/- (दस हजार रुपये) के अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड अदा न करने की दशा में एक वर्ष का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।
यह निर्णय 10 जनवरी 2026 को सत्र प्रकरण क्रमांक 66/2022 में पारित किया गया।
अभियोजन
प्रकरण में राज्य शासन की ओर से पैरवी
श्री महेंद्र कुमार त्रिपाठी, अपर लोक अभियोजक द्वारा की गई।
दोनों पक्षों की लंबी बहस, साक्ष्यों और दस्तावेजों के अवलोकन के बाद न्यायालय ने यह फैसला सुनाया।
क्या है पूरा मामला
अभियोजन के अनुसार यह मामला थाना डोंगरगांव, जिला नरसिंहपुर के अपराध क्रमांक 51/2022 से संबंधित है। घटना दिनांक 24 मार्च 2022 को रात्रि लगभग 12:05 बजे रायपुर तिगड्डा के पास घटित हुई थी।
फरियादी सौरभ कौरव, निवासी ग्राम हीरापुर ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई कि वह अपनी बहन सविता कौरव, जीजा प्रदीप कौरव तथा भांजी के साथ उपचार कराकर लौट रहा था। जैसे ही वे रायपुर तिगड्डा के पास पहुंचे, पीछे से दो बार गोली चलने की आवाज आई। गोली सविता कौरव के बाएं हाथ में लगी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गईं।
घटना के तुरंत बाद घायल सविता कौरव को गाडरवारा अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें मेडिकल कॉलेज जबलपुर रेफर किया गया।
विवेचना में हुआ सनसनीखेज खुलासा
पुलिस विवेचना के दौरान घटनास्थल से:
- खून से सनी मिट्टी
- सादी मिट्टी
- दो खाली कारतूस खोखे
बरामद किए गए।
इसके बाद साइबर सेल की मदद से कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और पीएसटीएन डाटा का विश्लेषण किया गया। जांच में सामने आया कि घटना के समय अभियुक्त जगमोहन लड़िया और प्रदीप कौरव के बीच लगातार मोबाइल संपर्क था।
पूछताछ में अभियुक्त जगमोहन लड़िया ने यह स्वीकार किया कि उसने प्रदीप कौरव के कहने पर एवं एक विधि के उल्लंघनकर्ता बालक शिवम उर्फ शुभम लड़िया के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई और घटना को अंजाम दिया।
पिस्टल बरामद, फॉरेंसिक साक्ष्य निर्णायक
अभियुक्त के मेमोरण्डम कथन के आधार पर घटना में प्रयुक्त पिस्टल बरामद की गई। पुलिस ने:
- पिस्टल
- आहत के शरीर से निकाली गई गोली
- मोबाइल फोन
- मोटरसाइकिल
- ऑडियो क्लिप
को साक्ष्य के रूप में जब्त किया।
पिस्टल को फॉरेंसिक साइंस लैब, बैलिस्टिक परीक्षण एवं रक्षित केंद्र नरसिंहपुर भेजा गया, जहां से प्राप्त रिपोर्ट ने अभियोजन पक्ष के कथन की पुष्टि की।
विधि के उल्लंघनकर्ता बालक का पृथक प्रकरण
प्रकरण में सह-अभियुक्त शिवम लड़िया, उम्र 17 वर्ष 6 माह, विधि के उल्लंघनकर्ता बालक पाया गया। उसके विरुद्ध पूरक चालान तैयार कर किशोर न्याय बोर्ड नरसिंहपुर में पृथक से मामला चलाया गया।
न्यायालय का निष्कर्ष
न्यायालय ने अपने फैसले में कहा कि अभियुक्तों द्वारा आपराधिक षड्यंत्र रचकर हत्या की नीयत से गोली चलाई गई। यदि घायल की मृत्यु हो जाती तो यह हत्या का स्पष्ट मामला होता।
हालांकि, अदालत ने अभियुक्त जगमोहन लड़िया को आर्म्स एक्ट की धारा 25 एवं 27 के आरोप से दोषमुक्त किया, लेकिन हत्या के प्रयास और षड्यंत्र के आरोपों को सिद्ध माना।
अदालत के आदेश
- न्यायिक अभिरक्षा में बिताई गई अवधि सजा में समायोजित होगी
- अभियुक्तों की पूर्व जमानत निरस्त
- सजा वारंट जारी कर अभियुक्तों को केंद्रीय जेल नरसिंहपुर भेजा जाएगा







