शिक्षक मानसिंह कोरी को अधिवार्षिकी पूर्ण करने पर गांव व संकुल शिक्षकों ने दी भावपूर्ण विदाई
स्कूल के बच्चों ने स्वयं बनाकर पहनाई फूलों की माला

गाडरवारा। समीपस्थ ग्राम भौरगढ़ में शासकीय सेवा से अधिवार्षिकी पूर्ण कर सेवानिवृत्त हुए शिक्षक मानसिंह कोरी को ग्रामवासियों, संकुल के शिक्षकों, विद्यार्थियों एवं पूर्व छात्रों द्वारा भावभीनी विदाई दी गई। विद्यालय प्रांगण में आयोजित इस भव्य एवं स्नेहिल समारोह में सम्मान, भावनाओं और स्मृतियों का अद्भुत संगम देखने को मिला।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ग्राम पंचायत सरपंच मलखान पटेल, पूर्व सरपंच रणजीत राजपूत, अरविंद राजपूत, संकुल प्राचार्य उषा सिंह, राज्य शिक्षक संघ के प्रदेश कोषाध्यक्ष नगेन्द्र त्रिपाठी, जनशिक्षक सुरेन्द्र राजपूत एवं अवधेश पटेल रहे। सभी अतिथियों ने मां सरस्वती की पूजा-अर्चना कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
विद्यालय की छात्राओं तनु, अर्पिता एवं विनीता ने सस्वर सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। इसके पश्चात शिक्षकों संदीप खरे, राजेन्द्र राजपूत, महेश वैष्णव, मुन्नालाल राजपूत, सुमित यादव, डालचंद पटैल एवं लक्ष्मीकांत कौरव द्वारा अतिथियों का स्वागत किया गया। छात्राओं प्रीति प्रयांशि एवं स्वाति ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया।
बच्चों और ग्रामीणों का स्नेह बना कार्यक्रम की विशेष पहचान

कार्यक्रम की सबसे विशेष और मार्मिक झलक तब देखने को मिली जब विद्यालय के बच्चों ने स्वयं अपने हाथों से फूलों की माला बनाकर अपने प्रिय शिक्षक को पहनाई। इसके साथ ही पूर्व विद्यार्थियों, गांव के प्रत्येक परिवार और मातृशक्ति ने आगे बढ़कर श्री कोरी का सम्मान किया। पूरा वातावरण स्नेह, सम्मान और कृतज्ञता से सराबोर रहा।
अतिथियों ने अपने संबोधन में शिक्षक मानसिंह कोरी को समय के प्रति अनुशासित, कर्मठ और बच्चों के सर्वांगीण विकास के प्रति सदैव चिंतनशील बताया। उन्होंने कहा कि श्री कोरी बच्चों के बीच अत्यंत लोकप्रिय रहे और शिक्षा को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं रखा।
सम्मान पत्र वाचन और भावुक विदाई
शिक्षक राघवेन्द्र चौधरी द्वारा श्री कोरी के सम्मान में सम्मान पत्र का वाचन किया गया। कार्यक्रम का संचालन राज्यपाल पुरस्कार प्राप्त शिक्षक हल्केवीर पटैल ने किया एवं आभार प्रदर्शन संदीप खरे ने किया।
इस अवसर पर संकुल के अनेक शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। सभी ने श्री कोरी को पुष्पमाला, साल-श्रीफल, उपहार भेंट कर उनके उज्ज्वल, स्वस्थ एवं सुखमय भविष्य की कामना की।
परिवारजनों ने किया भावुक संबोधन
समारोह में श्री कोरी के परिवारजन—पुत्री लता कोरी, पुत्र धीरज कोरी एवं गीतेश कोरी, पत्नी श्रीमती किरण कोरी तथा भांजे राहुल कोरी उपस्थित रहे। उन्होंने श्री कोरी के अनुशासित, सरल एवं कर्मठ जीवन पर प्रकाश डालते हुए सभी उपस्थितजनों का आभार व्यक्त किया।








