शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में जनजाति गौरव दिवस पर विविध कार्यक्रम

गाडरवारा। स्थानीय शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में जनजाति गौरव दिवस एवं धरती आबा बिरसा मुंडा की जयंती उत्साहपूर्वक मनाई गई। आयुक्त उच्च शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार प्राचार्य प्रोफेसर पीएस कौरव के मार्गदर्शन मैं आयोजित इस कार्यक्रम में जनजातीय संस्कृति, इतिहास और बिरसा मुंडा के अद्वितीय योगदान को याद किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्य तथा मुख्य अतिथि कौशलेंद्र श्रीवास्तव द्वारा बिरसा मुंडा के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन से किया गया। अपने संबोधन में मुख्य अतिथि श्री कौशलेंद्र श्रीवास्तव ने कहा कि बिरसा मुंडा ने आदिवासी समाज को नई दिशा देने के साथ-साथ अंग्रेजी शासन के विरुद्ध ऐतिहासिक आंदोलन खड़ा किया। उन्होंने कहा कि बिरसा मुंडा का जीवन त्याग, साहस और संघर्ष का अद्वितीय उदाहरण है, जिससे आज की युवा पीढ़ी को प्रेरणा लेनी चाहिए।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ. संदीप श्रीवास्तव ने अपने विस्तृत उद्बोधन में बिरसा मुंडा के ‘उलगुलान’ आंदोलन, उनके सामाजिक संदेश, आदिवासी संस्कृति के संरक्षण तथा जल–जंगल–जमीन के अधिकारों की लड़ाई पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि मात्र 25 वर्ष की आयु में भी बिरसा मुंडा ने औपनिवेशिक शासन को हिलाकर रख दिया था। डॉ. श्रीवास्तव ने जनजातीय समाज की वर्तमान चुनौतियों और उनके समाधान पर भी अपने विचार साझा किए। कला संकाय प्रभारी एवं हिंदी साहित्य के विद्वान डॉ .जवाहर शुक्ला ने अपने उद्बोधन में भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में ब बिरसा मुंडा एवं हिंदी सहित्य के योगदान से छात्रों को परिचित कराया,कार्यक्रम में डॉ सुनील शर्मा ने भी जनजाति गौरव दिवस की प्रासंगिकता और बिरसा मुंडा के ऐतिहासिक योगदान पर अपने विचार व्यक्त किए। विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत जनजातीय नृत्य, गीत, भाषण, कविता-पाठ एवं पोस्टर प्रदर्शनी कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रहे। इस अवसर पर आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं में प्रतिभागी रहे छात्रों को प्रमाण पत्र एवं शील्ड से सम्मानित किया, कार्यक्रम का संचालन डॉ. कमलेश डेहरिया ने किया, अतिथियों के प्रति आभार प्रदर्शन कार्यक्रम प्रभारी डॉ. शारदा भिंड ने किया, इस अवसर पर प्रो. एस. के.नायक डॉ .प्रदीप सिंह डॉ. शिवराज सिंह ,डॉ सतीश अग्निहोत्री, डॉ अर्चना शर्मा, एवं महाविद्यालय के प्राध्यापक, कर्मचारी और छात्र-छात्राएँ बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।







